गौतम अडानी के लिए खुशखबरी, अमेरिका में खत्म हो सकता है फ्रॉड का मुकदमा
मुख्य बातें
- करीब डेढ़ साल बाद मामले का निपटारा अडानी ग्रुप के लिए एक बड़ी राहत होगी
- इससे अडानी समूह के लिए इंटरनेशनल कैपिटल मार्केट में वापसी करने और अपनी तेजी से विस्तार करने की रणनीति को फिर से शुरू करने का रास्ता भी साफ हो जाएगा
गौतम अडानी को अमेरिका से बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। दरअसल, अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) गौतम अडानी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बता दें कि यह मामला नवंबर 2024 में शुरू हुआ था। करीब डेढ़ साल बाद मामले का निपटारा अडानी ग्रुप के लिए एक बड़ी राहत होगी। इससे अडानी समूह के लिए इंटरनेशनल कैपिटल मार्केट में वापसी करने और अपनी तेजी से विस्तार करने की रणनीति को फिर से शुरू करने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।
क्या है खबर
ब्लूमबर्ग की एक खबर में सूत्र के हवाले से बताया गया है कि अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) और न्याय विभाग, गौतम अडानी के खिलाफ आपराधिक मामले को खत्म करने की तैयारी में है। सूत्र ने बताया कि इस हफ्ते के अंत तक यह घोषणा की जा सकती है कि अडानी के आरोपों को वापस लिया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग मामले को निपटाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
एक सूत्र ने बताया कि न्याय विभाग आरोपियों के देश से बाहर होने की वजह से आरोप हटा सकता है। वहीं, प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग के साथ मामले के निपटारे में शायद कोई आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है। ब्रुकलिन में US अटॉर्नी के ऑफिस के एक प्रवक्ता ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया। वहीं, प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग और अडानी ग्रुप के प्रतिनिधियों ने भी जवाब नहीं दिया।
क्या है मामला?
नवंबर 2024 में ब्रुकलिन में अमेरिकी अटॉर्नी के ऑफिस ने एक आरोप पत्र में आरोप लगाया कि अडानी और अन्य आरोपियों ने भारत में सोलर-पावर कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए 250 मिलियन डॉलर की रिश्वतखोरी की साजिश में मदद की। आरोप है कि अडानी और अन्य लोगों ने सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट जीतने के लिए भारत सरकार के अधिकारियों को रिश्वत देने का वादा किया था और जब वे US निवेशकों से पैसा जुटाने की कोशिश कर रहे थे, तब उन्होंने इस योजना को छिपाए रखा। अडानी ग्रुप ने लगातार इन आरोपों से इनकार किया है। अडानी और उनके भतीजे सागर सहित किसी भी आरोपी ने अब तक इन आरोपों के संबंध में अदालत में पेशी नहीं दी है।
समूह ने कहा कि उसके किसी भी संगठन या अधिकारियों पर अमेरिकी विदेशी भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कोई आरोप नहीं लगे हैं। साथ ही, फंडिंग वाली उनकी रिन्यूएबल एनर्जी इकाई अडानी ग्रीन एनर्जी, इस मामले की प्रक्रिया में शामिल नहीं है। बता दें कि गौतम अडानी समूह के चेयरमैन हैं जबकि सागर अडानी, अडानी ग्रीन एनर्जी के कार्यकारी निदेशक हैं।
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Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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