मिडिल क्लास को लगने वाला है झटका, ग्लोबल टेंशन के बीच उदय कोटक ने किया अलर्ट
मुख्य बातें
- पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बाद देश की इकोनॉमी की चुनौती बढ़ सकती है
- इस संबंध में अरबपति बैंकर उदय कोटक ने चेतावनी दी है
- उन्होंने कहा कि भारत को आने वाले हफ्तों में पश्चिम एशिया संघर्ष के आर्थिक नतीजों का सामना करना पड़ सकता है

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बाद देश की इकोनॉमी की चुनौती बढ़ सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर मिडिल क्लास पर पड़ सकता है। इस संबंध में अरबपति बैंकर उदय कोटक ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि भारत को आने वाले हफ्तों में पश्चिम एशिया संघर्ष के आर्थिक नतीजों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों का असर अभी तक भारतीय उपभोक्ताओं तक पूरी तरह से नहीं पहुंचा है लेकिन उन्होंने आगाह किया कि आने वाले महीनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
उन्होंने समझाया कि फिलहाल, ईंधन का जो स्टॉक मौजूद है वह इस असर को कुछ हद तक कम कर रहा है। यही वजह है कि आम लोगों को अभी तक खर्चों में कोई बड़ी बढ़ोतरी महसूस नहीं हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह दबाव आखिरकार ईंधन की कीमतों के साथ-साथ रोजमर्रा की चीजों और सेवाओं की कीमतों में भी जरूर दिखाई देगा।
मध्यम-वर्गीय परिवारों के लिए कोटक की चेतावनी
उदय कोटक ने मध्यम-वर्गीय परिवारों को भी कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जरा उस उपभोक्ता के बारे में सोचिए जिसकी आय सीमित है और जिसे सीधे तौर पर ईंधन पर ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। ऐसे लोगों का बड़ा झटका लगने वाला है। बैंकर ने यह भी चेतावनी दी कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के इस दौर में भारत कंफर्ट जोन में नहीं रह सकता। कोटक ने कहा, "मेरा मानना है कि हमें किसी भी घटना से पहले ही आशंकाओं के लिए तैयार रहना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि हमें सबसे बुरे हालात के लिए तैयार रहना होगा।
कंपनियों को दी सलाह
निजी क्षेत्र के बैंक कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक कोटक ने कहा कि वैश्विक माहौल तेजी से खंडित हो रहा है। देश अपने-अपने रणनीतिक हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में भारत के लिए अपनी घरेलू आर्थिक बुनियाद को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई कंपनियां तिमाही नतीजों, शेयर कीमतों आदि पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। बजाय इसके उन्हें तीन से पांच साल के दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना चाहिए। कोटक ने कहा- मैं कंपनियों से आग्रह करता हूं कि वे अल्पकालिक शेयर कीमतों पर अत्यधिक ध्यान न दें बल्कि तीन से पांच साल का लक्ष्य लेकर चलें।
कोटक ने देश के निजी इक्विटी, वेंचर कैपिटल को मजबूत करने की भी वकालत की और कहा कि ये संस्थान आर्थिक वृद्धि के लिए जरूरी हैं। उन्होंने पेंशन फंड और बीमा कंपनियों को नियामकीय सुरक्षा के साथ धीरे-धीरे निजी बाजारों में अधिक निवेश की अनुमति देने की भी वकालत की।
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Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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