
टाटा के इस शेयर में भूचाल, 52 वीक के नए लो पर भाव, घाटे में कंपनी
इससे पहले मंगलवार को भी नतीजों के बाद शेयर में लगभग 3% की गिरावट दर्ज की गई थी। निवेशकों ने मुनाफे में सुधार के बावजूद कंपनी के कमजोर राजस्व आंकड़ों और बाजार के नकारात्मक संकेतों पर ज्यादा ध्यान दिया।
TTML Share: टाटा टेलीसर्विसेज (महाराष्ट्र) के शेयरों में तिमाही नतीजों के बाद बिकवाली का दबाव बना हुआ है। बुधवार को भी शेयर फिसले और दो कारोबारी सत्रों में कुल गिरावट 6% से ज्यादा हो गई। बीएसई पर बुधवार को कंपनी का शेयर करीब 3.1% तक टूटकर ₹42.22 के स्तर पर आ गया। यह इसका 52 वीक का नया लो प्राइस भी है। इससे पहले मंगलवार को भी नतीजों के बाद शेयर में लगभग 3% की गिरावट दर्ज की गई थी। निवेशकों ने मुनाफे में सुधार के बावजूद कंपनी के कमजोर राजस्व आंकड़ों और बाजार के नकारात्मक संकेतों पर ज्यादा ध्यान दिया।
दिसंबर तिमाही के नतीजे
दिसंबर तिमाही में कंपनी का घाटा जरूर कम हुआ है, लेकिन आम निवेशकों को यह राहत नाकाफी लगी। साल-दर-साल आधार पर कंपनी के रेवेन्यू में करीब 11.5% की गिरावट दर्ज की गई है, जो बाजार के लिए चिंता का बड़ा कारण बना। टेलीकॉम सेक्टर में पहले से ही कड़ी प्रतिस्पर्धा है और ऐसे में आमदनी में दो अंकों की गिरावट यह दिखाती है कि कंपनी के सामने ऑपरेशनल चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा पूरी तरह लौटता नजर नहीं आया।
क्या कहते हैं जानकार
बाजार जानकारों का कहना है कि केवल घाटा कम होना शेयर के लिए काफी नहीं है, जब तक कि रेवेन्यू ग्रोथ साफ तौर पर वापस न आए। निवेशक अब कंपनी के भविष्य के बिजनेस आउटलुक और कैश फ्लो पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। टेक्निकल चार्ट्स भी फिलहाल कमजोर तस्वीर दिखा रहे हैं। कई संकेतक यह इशारा कर रहे हैं कि शेयर पर निकट अवधि में दबाव बना रह सकता है और इसमें तेजी आने में थोड़ा समय लग सकता है।
कुल मिलाकर, टाटा टेलीसर्विसेज (महाराष्ट्र) के शेयरों में मौजूदा गिरावट यह बताती है कि बाजार सिर्फ बेहतर नतीजों की एक लाइन नहीं, बल्कि मजबूत और टिकाऊ ग्रोथ चाहता है। जब तक कंपनी की आमदनी में स्थिरता और सुधार के साफ संकेत नहीं मिलते, तब तक शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। छोटे निवेशकों के लिए यह खबर सतर्क रहने का संकेत है, जबकि बाजार आगे के तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट के रोडमैप पर नजर बनाए रखेगा।





