अमेरिका के इस बड़े एक्शन से मुंह के बल गिरे भारतीय IT स्टॉक्स, एक झटके में 55,000 करोड़ स्वाहा; ये है वजह

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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मुख्य बातें

  • अमेरिका में Cognizant की PERM लेबर सर्टिफिकेशन फाइलिंग्स सस्पेंड होने के बाद भारतीय IT शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली
  • Infosys, TCS, HCL Tech, Wipro और टेक महिंद्रा समेत प्रमुख कंपनियों की संयुक्त मार्केट वैल्यू करीब 55,000 करोड़ रुपये घट गई

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अमेरिका में Cognizant की PERM लेबर सर्टिफिकेशन फाइलिंग्स पर रोक लगाए जाने की खबर के बाद भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली।

अमेरिका में Cognizant की PERM (Permanent Labor Certification) लेबर सर्टिफिकेशन फाइलिंग्स पर रोक लगाए जाने की खबर के बाद भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली तेज हो गई। यही वजह है कि भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को IT सेक्टर पर भारी दबाव देखने को मिला। इसका असर इतना बड़ा रहा कि देश की प्रमुख IT कंपनियों की संयुक्त मार्केट वैल्यू में करीब 55,000 करोड़ रुपये की कमी आ गई। अब निवेशकों को चिंता है कि अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों और वीजा से जुड़े नियमों पर बढ़ती सख्ती भारतीय IT कंपनियों के कारोबार को प्रभावित कर सकती है। इसका सबसे बड़ा झटका इंफोसिस (Infosys) को लगा है। आइए इस मामले को जरा विस्तार से समझते हैं।

4 % से ज्यादा टूटे इंफोसिस के शेयर गए

इस गिरावट में इंफोसिस (Infosys) सबसे ज्यादा प्रभावित कंपनियों में शामिल रही। कंपनी के शेयर में 4 फीसद से ज्यादा टूट गए और स्टॉक में काफी कमजोरी देखने को मिली। खबर लिखे जाने तक(01:11pm) कंपनी के शेयर 4.25%घटकर 1,036.00 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।

अन्य कंपनियों की हालत भी पस्त

टेक महिंद्रा (Tech Mahindra), HCL टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies) और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems) के शेयरों में भी करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आई। TCS, Wipro, Mphasis और LTIMindtree जैसे बड़े IT शेयर भी लगभग 2 प्रतिशत तक टूट गए। IT कंपनियों में इस सामूहिक गिरावट ने पूरे टेक्नोलॉजी सेक्टर की निवेशक भावना को कमजोर कर दिया है।

क्यों मचा हाहाकार?

बिकवाली की मुख्य वजह अमेरिकी श्रम विभाग द्वारा Cognizant कंपनी की PERM फाइलिंग्स को सस्पेंड करना बताया जा रहा है। PERM (Permanent Labour Certification) एक महत्वपूर्ण प्रॉसेस है, जिसके जरिए अमेरिकी कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को स्थायी रोजगार और रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए स्पॉन्सर कर सकती हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कथित धोखाधड़ी और अमेरिकी कर्मचारियों के हितों को संभावित नुकसान पहुंचने से जुड़े मामलों की जांच शुरू की है।

Cloudera की PERM फाइलिंग्स भी सस्पेंड

हालांकि, अधिकारियों ने Cognizant के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पूरी डिटेल्स पब्लिक नहीं की है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने आवेदन प्रभावित हुए हैं और यह रोक कितने समय तक जारी रहेगी। इसी तरह अमेरिकी अधिकारियों ने Cloudera की PERM फाइलिंग्स को भी सस्पेंड करने की जानकारी दी है। फिलहाल, दोनों कंपनियों के खिलाफ किसी आपराधिक मामले की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

PERM प्रॉसेस और H-1B वीजा अलग-अलग

सबसे जरूरी बात यह है कि PERM प्रॉसेस और H-1B वीजा अलग-अलग हैं। PERM पर रोक का मतलब यह नहीं है कि किसी कंपनी के H-1B वीजा आवेदन भी अपने आप बंद हो गए हैं। इसके बावजूद निवेशकों को डर है कि अमेरिकी प्रशासन भविष्य में विदेशी प्रोफेशनल्स की नियुक्ति और वीजा प्रॉसेस पर और कड़े नियम लागू कर सकता है।

अमेरिका में कैसे होंगी ये 1,500 नियुक्तियां?

Cognizant ने हाल ही में अमेरिका में 1,500 नए कॉलेज ग्रेजुएट्स को नियुक्त करने की योजना भी घोषित की थी। कंपनी का कहना है कि वह अमेरिकी कर्मचारियों और AI बेस्ड नई नौकरियों में निवेश कर रही है। लेकिन, अमेरिकी जांच की खबर ने भारतीय IT सेक्टर में चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी प्रशासन की अगली कार्रवाई और वीजा नियमों से जुड़े नए फैसलों पर रहेगी, क्योंकि भारतीय IT कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है।

Sarveshwar Pathak

लेखक के बारे में

Sarveshwar Pathak

सर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।

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