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ट्रंप की टैरिफ नीति ने बढ़ाई महंगाई, फेड ने फिर से ब्याज दरें घटाई, दिसंबर में कटौती पक्की नहीं

ट्रंप की टैरिफ नीति ने बढ़ाई महंगाई, फेड ने फिर से ब्याज दरें घटाई, दिसंबर में कटौती पक्की नहीं

संक्षेप:

US Fed Rate Cut: पॉवेल ने माना कि देश में महंगाई का स्तर बढ़ा हुआ है। सितंबर 2025 में महंगाई की दर बढ़कर 3% हो गई, जो अगस्त में 2.9% थी। उन्होंने इसके लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को जिम्मेदार ठहराया।

Thu, 30 Oct 2025 06:55 AMDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 29 अक्टूबर 2025 को अपनी मुख्य ब्याज दरों में 0.25% (25 बेसिस पॉइंट) की कटौती की घोषणा की। इस कदम के बाद अब यह दरें 3.75% से 4.00% के दायरे में आ गई हैं। यह इस साल सितंबर के बाद लगातार दूसरी बार है, जब फेड ने दरों में कमी की है। इससे पहले दिसंबर 2024 से रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ था। इस नीतिगत फैसले पर 12 सदस्यीय फेडरल ओपन मार्केट कमिटी (FOMC) में मतभेद थे। जहां दस सदस्यों ने 0.25% की कटौती का समर्थन किया, वहीं एक सदस्य 0.50% की बड़ी कटौती चाहते थे और एक अन्य सदस्य दरें यथावत रखने के पक्ष में थे।

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दिसंबर में दरों में कटौती पक्की नहीं

फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने स्पष्ट किया कि दिसंबर 2025 की बैठक में ब्याज दरों में एक और कटौती होगी, यह कोई तय बात नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा मान लेना कि दिसंबर में कटौती होगी ही, गलत होगा। आगे का फैसला आर्थिक आंकड़ों और हालात पर निर्भर करेगा। कमिटी के सदस्यों के बीच इस मसले पर अलग-अलग राय है।

महंगाई की चुनौती बनी हुई है

पॉवेल ने माना कि देश में महंगाई का स्तर बढ़ा हुआ है। सितंबर 2025 में महंगाई की दर बढ़कर 3% हो गई, जो अगस्त में 2.9% थी। उन्होंने इसके लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को जिम्मेदार ठहराया। इन शुल्कों के कारण आयातित सामानों की कीमतों में इजाफा हुआ है।

रोजगार बाजार पर असर

फेड ने कहा कि इस साल देश में रोजगार के नए अवसरों की वृद्धि धीमी हुई है और बेरोजगारी की दर में भी मामूली वृद्धि हुई है, हालांकि यह अभी भी कम स्तर पर है। पॉवेल ने इसके पीछे एक बड़ा कारण आप्रवासन (विशेष रूप से अवैध आप्रवासन) में तेज गिरावट को बताया। उनके मुताबिक, देश में कामगारों की आपूर्ति तेजी से घटी है, जिसके कारण नौकरियों की मांग में भी कमी आई है।

आर्थिक भविष्य को लेकर अनिश्चितता

फेड ने अपने बयान में स्वीकार किया कि देश की आर्थिक रूपरेखा को लेकर अभी काफी अनिश्चितता बनी हुई है। केंद्रीय बैंक का लक्ष्य अधिकतम रोजगार हासिल करना और महंगाई को 2% के लक्ष्य तक लाना बना हुआ है। इसके लिए वह भविष्य में आने वाले आर्थिक आंकड़ों, बदलती परिस्थितियों और जोखिमों का सतत मूल्यांकन करता रहेगा।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia
टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल मिलाकर 20 साल का अनुभव। एचटी डिजिटल से पहले दृगराज न्यूज नेशन, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, सहारा समय और वॉच न्यूज एमपी /सीजी में रिपोर्टिग और डेस्क पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। स्पेशल स्टोरीज,स्पोर्ट्स, पॉलिटिक्स, सिनेमा, स्पोर्ट्स के बाद अब बिजनेस की खबरें लिख रहे हैं। दृगराज, लाइव हिन्दुस्तान में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
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