AI का खतरा या मौका? IT शेयरों में निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक स्वाहा
IT Stocks: इस महीने में अब तक IT इंडेक्स 20 प्रतिशत तक टूट चुका है। कैपिटलाइन के आंकड़ों के अनुसार, कल के बाजार बंद होने तक IT सेक्टर की कंपनियों का कुल मार्केट कैप 5.05 लाख करोड़ रुपये घट चुका है।

आईटी शेयरों में बिकवाली का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार, 24 फरवरी को लगातार पांचवें दिन IT इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई, जिसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े व्यवधानों को लेकर लगातार बनी हुई चिंताएं हैं।
निफ्टी IT इंडेक्स में 3.5 प्रतिशत की भारी गिरावट आई और यह 30,417.75 के नए 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया। इस महीने में अब तक यह सूचकांक 20 प्रतिशत तक टूट चुका है। कैपिटलाइन के आंकड़ों के अनुसार, कल के बाजार बंद होने तक IT सेक्टर की कंपनियों का कुल मार्केट कैप 5.05 लाख करोड़ रुपये घट चुका है।
निफ्टी IT के सभी शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे और इनमें 4 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और कोफोर्ज के शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए और इनमें 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। वहीं, इंफोसिस के शेयर में 3.7 प्रतिशत, टीसीएस में 3.5 प्रतिशत और विप्रो के स्टॉक में 2.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
फरवरी में कितना टूटे
विप्रो 13%, इन्फोसिस 19 और एम्फेसिस 16% से अधिक लुढ़का
विप्रो करीब 13 प्रतिशत टूट चुका है। और इससे इसके मार्केट कैपिटल में 32510 करोड़ की गिरावट दर्ज की गई है। इन्फोसिस के शेयर फरवरी में 19 फीसद से अधिक लुढ़क चुके हैं और मार्केट कैप 127019 करोड़ रुपये कम हो गया है। एम्फेसिस भी फरवरी में 16 फीसद से अधिक लुढ़का है। इसके मार्केट कैप में 8534 करोड़ की कमी दर्ज की गई है।
टीसीएस, OFSS और HCL टेक का भी बुरा हाल
टीसीएस फरवरी में 14.3 प्रतिशत का गोता लगा चुका हैं। इसका मार्केट कैप 161946 करोड़ घट गया है। एचसीएल टेक्नोलाजी के शेयर करीब 16 प्रतिशत केवल फरवरी में टूट चुके हैं। मार्केट कैप में 73106 करोड़ रुपये कम हो गया है। ओरेकल फाइनेंस की बात करें तो इसमें भी इस महीने 14 फीसद से अधिक की गिरावट है। इसका मार्केट कैप 9485 करोड़ रुपये कम हुआ है।
टेक महिंद्रा, एलटीआईमाइंडट्री भी लुढ़के
टेक महिंद्रा भी फरवरी में 17 प्रतिशत से अधिक का गोता लगा चुका है। इसके मार्केट कैप में 29603 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है। एलटीआईमाइंडट्री के शेयर फरवरी में 19 फीसद से अधिक लुढ़के हैं। इससे इसके मार्केट कैप में 33887 करोड़ रुपये कम हो गए हैं।
पर्सिस्टेंट पस्त और कोफोर्ज 22% से अधिक टूटा
पर्सिस्टेंट के लिए भी अबतक फरवरी अच्छा नहीं रहा। इस अवधि में इसके शेयर 17.5 प्रतिशत टूटे। इसका मार्केट कैप भी 16682 करोड़ घट गया है। कोफोर्ज भी 22 फीसद से अधिक लुढ़का है। और इस दौरान मार्केट कैप 12249 करोड़ रुपये घटा है।
सोर्स: कैपिटालाइन
क्यों गिर रहे हैं IT स्टॉक्स?
आईटी शेयरों में बिकवाली का दबाव इस महीने की शुरुआत में एंथ्रोपिक के क्लॉड के लॉन्च के बाद शुरू हुआ, जिसे भारत के टेक सर्विसेज सेक्टर सहित कई उद्योगों के लिए संभावित खतरे के रूप में देखा जा रहा है।
सोमवार को एंथ्रोपिक ने घोषणा की कि क्लॉड कोड COBOL को आधुनिक बनाने में मदद कर सकता है, जो मुख्य रूप से IBM कंप्यूटर पर चलने वाली प्रोग्रामिंग भाषा है। इस खबर ने अमेरिकी शेयर बाजार में बिकवाली को बढ़ावा दिया, जहां कारोबारियों ने AI के कारण प्रभावित होने वाली कंपनियों के शेयर बेचने शुरू कर दिए।
एक और चिंता यह है कि अल्फाबेट और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियां एनवीडिया के चिप्स पर इतना अधिक खर्च कर रही हैं कि हो सकता है वे उच्च उत्पादकता और भविष्य के मुनाफे के जरिए अपने निवेश की भरपाई नहीं कर पाएं।
रॉयटर्स के अनुसार, एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च का कहना है कि अगले कुछ वर्षों में AI के कारण संपूर्ण IT सेक्टर के राजस्व में 14 से 16 प्रतिशत तक की गिरावट (अपस्फीति) का जोखिम हो सकता है।
65 प्रतिशत तक की और गिरावट आ सकती है
जेफरीज ने हाल ही में टीसीएस और इंफोसिस सहित छह IT सॉफ्टवेयर कंपनियों की रेटिंग घटा दी है। इसकी वजह AI टूल्स के कारण कारोबार में संभावित संरचनात्मक बदलावों को लेकर चिंता है। ब्रोकरेज फर्म ने निवेशकों को आगाह किया है कि सबसे खराब स्थिति में, सेक्टर के वैल्यूएशन में मौजूदा स्तरों से 30 से 65 प्रतिशत तक की और गिरावट आ सकती है।
सीएलएसए ने भी टार्गेट प्राइस घटाया
सीएनबीसी टीवी-18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल ब्रोकरेज सीएलएसए ने भी आठ प्रमुख IT स्टॉक्स -कोफोर्ज, एचसीएलटेक, इंफोसिस, एलटीआईमाइंडट्री, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, टीसीएस, टेक महिंद्रा और विप्रो के लिए अपने टार्गेट प्राइस घटा दिए हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी की कमी के चलते इनमें 5 से 10 प्रतिशत की और गिरावट आ सकती है। सीएलएसए के हवाले से कहा गया है कि सालाना 2 प्रतिशत रुपये के अवमूल्यन को मानें तो 5 प्रतिशत की टर्मिनल ग्रोथ का मतलब बाजार हिस्सेदारी में कोई बढ़त नहीं है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


