
इस एक खबर से आईटी शेयरों को लगे पंख, इंफोसिस से एचसीएल तक बने रॉकेट
संक्षेप: IT Stocks: आईटी कंपनियों के शेयरों में 3% तक की बढ़त देखने को मिली। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि खबरें आईं हैं कि भारत और अमेरिका जल्द ही एक ट्रेड डील पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। इस खबर से आईटी शेयरों को पंख लग गए। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.4% उछल गया।
IT Stocks: गुरुवार के दिन आईटी कंपनियों के शेयरों में 3% तक की बढ़त देखने को मिली। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि खबरें आईं हैं कि भारत और अमेरिका जल्द ही एक ट्रेड डील पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। इस खबर से आईटी शेयरों को पंख लग गए। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.4% उछल गया और इसमें शामिल सभी कंपनियों के शेयर रॉकेट बन गए।

किन कंपनियों के शेयर चमके?
इस रैली में इंफोसिस सबसे आगे रही और उसके शेयर 4% से अधिक चढ़े। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एमफेसिस, टेक महिंद्रा और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जैसी अन्य प्रमुख कंपनियों के शेयर भी 2% से ज्यादा बढ़े। वहीं, कोफोर्ज, विप्रो, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एलटीआई माइंडट्री के शेयरों में भी 1% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
पूरे बाजार पर सकारात्मक असर
आईटी शेयरों में इस तेजी का असर पूरे भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। बेंचमार्क सेंसेक्स 800 से अधिक उछल गया और निफ्टी 50 ने 26,000 का आंकड़ा पार कर दिया, जो 30 सितंबर, 2024 के बाद पहली बार हुआ है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील
एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और अमेरिका जल्द ही एक व्यापार सौदे को अंतिम रूप दे सकते हैं। इस सौदे से अमेरिका में भारतीय निर्यात पर लगने वाले शुल्क (टैरिफ) वर्तमान 50% से घटकर 15-16% हो सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊर्जा और कृषि इस सौदे के प्रमुख मुद्दे हैं और भारत रूसी कच्चे तेल के अपने आयात को धीरे-धीरे कम करने पर सहमत हो सकता है।
इंफोसिस के शेयर बायबैक का अपडेट
इंफोसिस के शेयरों में तेजी की एक बड़ी वजह उसके 18,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक प्रोग्राम से जुड़ी नई जानकारी भी है, जो कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा बायबैक है। कंपनी ने बताया कि उसके प्रमोटर और प्रमोटर समूह, जिनमें सह-संस्थापक नारायण मूर्ति, नंदन नीलेकणी और सुधा मूर्ति शामिल हैं, ने इस बायबैक में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है। इस घोषणा के बाद इंफोसिस के शेयर की कीमत 4.28% बढ़कर 1,535.10 रुपये प्रति शेयर हो गई।





