6 महीने में 360% तक रिटर्न! इन 9 सस्ते स्टॉक्स ने निवेशकों को किया मालामाल, आपका है दांव?
मुख्य बातें
- पिछले 6 महीनों में ₹20 से कम कीमत वाले 9 पेनी स्टॉक्स ने निवेशकों को 16% से 363% तक का रिटर्न दिया
- इनमें कोबो बायोटेक, गुजरात इंजेक्ट (Kerala), पैनाफिक इंडस्ट्रियल और RGF मल्टीबैगर साबित हुए
- हालांकि, एक्सपर्ट निवेशकों को इंवेस्टमेंट के लिए कुछ जोखिमों को अच्छी तरह से समझने का सुझाव देते हैं

शेयर बाजार में जब भी कम कीमत वाले शेयरों यानी पेनी स्टॉक्स की बात होती है, तो निवेशकों की दिलचस्पी अपने आप बढ़ जाती है। इसकी वजह कम निवेश में बड़ा रिटर्न मिलने की संभावना होती है। हालांकि, इन शेयरों में जोखिम भी उतना ही अधिक होता है। पिछले 6 महीनों में भारतीय शेयर बाजार में कुछ ऐसे पेनी स्टॉक्स रहे हैं, जिन्होंने निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। खास बात यह है कि 9 पेनी स्टॉक्स ने 16% से लेकर 363% तक का रिटर्न दिया, जबकि इनमें से 4 स्टॉक्स मल्टीबैगर साबित हुए, यानी इन शेयरों में पैसा लगाने वाले निवेशकों की पूंजी कुछ ही महीनों में कई गुना बढ़ गई।
ये सभी स्टॉक्स कुछ खास मानकों के आधार पर चुने गए थे। इनमें मार्केट कैप 1,000 करोड़ रुपये से कम, शेयर की कीमत 20 रुपये से कम और औसतन रोजाना कम से कम 5 लाख शेयरों का कारोबार होना शामिल था। ऐसे स्टॉक्स में अक्सर तेजी से उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, लेकिन सही समय पर निवेश करने वाले निवेशकों को बड़ा फायदा भी मिल सकता है।
कौन-कौन से स्टॉक्स ने दिया तगड़ा रिटर्न?
इस लिस्ट में सबसे आगे कोबो बायोटेक (Kobo Biotech) रहा, जिसने केवल 6 महीनों में 363% का जबरदस्त रिटर्न दिया। कोबो बायोटेक (Kobo Biotech) का शेयर बीते कारोबारी सेशन में 1.97% की तेजी के साथ 9.82 रुपये पर क्लोज हुआ था। 6 महीने पहले 19 जनवरी को जिन निवेशकों ने इस शेयर को 2.11 रुपये के भाव पर खरीदा था, आज की तारीख में यह स्टॉक उन निवेशकों को करीब 363% का रिटर्न दे चुका है।
इसके बाद गुजरात इंजेक्ट (केरल) ने 218% और पनाफिक इंडस्ट्रियल्स ने 167% का रिटर्न देकर निवेशकों को शानदार मुनाफा कराया। वहीं, RGF कैपिटल मार्केट ने भी 136% का रिटर्न दिया और मल्टीबैगर स्टॉक्स की सूची में अपनी जगह बनाई।
इसके अलावा क्वाड्रेंट टेलीवेंचर्स (Quadrant Televentures) ने 50%, NCL रिसर्च & फाइनेंशियल सर्विसेस और ऑन्टिक फिनसर्व (Ontic Finserve) ने 36-36%, NHC फूड्स ने 34% तथा कॉन्सिक्यूटिव कमोडिटीज (Consecutive Commodities) ने 16% का रिटर्न दिया। भले ही इनमें से कुछ स्टॉक्स मल्टीबैगर नहीं बने, लेकिन छह महीने जैसे छोटे समय में इतना रिटर्न भी निवेशकों के लिए आकर्षक माना जाता है।
हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट बार-बार यह सलाह देते हैं कि केवल ऊंचे रिटर्न देखकर पेनी स्टॉक्स में निवेश करना समझदारी नहीं है। इन कंपनियों का कारोबार अपेक्षाकृत छोटा होता है, इनकी फाइनेंशियल डिटेल्स लिमिटेड हो सकती है और इन शेयरों में उतार-चढ़ाव बहुत तेज होता है। कई बार ऐसे शेयरों में अचानक तेजी आती है और फिर उतनी ही तेजी से गिरावट भी देखने को मिलती है। इसलिए, बिना रिसर्च किए निवेश करना नुकसानदायक साबित हो सकता है।
पेनी स्टॉक्स में सबसे बड़ी चुनौती कम लिक्विडिटी, अधिक अस्थिरता और सीमित पारदर्शिता होती है। यही कारण है कि एक्सपर्ट निवेशकों को सलाह देते हैं कि इस तरह के शेयरों में केवल उतना ही पैसा लगाएं, जिसका जोखिम उठाया जा सके। साथ ही कंपनी की वित्तीय स्थिति, बिजनेस मॉडल, प्रमोटर की हिस्सेदारी और भविष्य की संभावनाओं का अच्छी तरह अध्ययन करना जरूरी है।
अगर कोई निवेशक लंबी अवधि के लिए मजबूत और सुरक्षित निवेश की तलाश में है, तो केवल पेनी स्टॉक्स पर निर्भर रहना सही रणनीति नहीं मानी जाती। लेकिन, जो निवेशक अधिक जोखिम लेकर ज्यादा रिटर्न कमाने की क्षमता रखते हैं और बाजार की अच्छी समझ रखते हैं, उनके लिए ऐसे स्टॉक्स अवसर भी बन सकते हैं।
पिछले 6 महीनों में इन 9 पेनी स्टॉक्स ने यह दिखाया है कि शेयर बाजार में छोटे शेयर भी बड़े रिटर्न दे सकते हैं। लेकिन, हर तेजी के पीछे जोखिम भी छिपा होता है। इसलिए किसी भी पेनी स्टॉक में निवेश करने से पहले पूरी रिसर्च करें, अपने निवेश लक्ष्य तय करें और जोखिम प्रबंधन का विशेष ध्यान रखें।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
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