इस IPO ने मचाई धूम! दूसरे दिन ही पूरी तरह सब्सक्राइब, GMP से 15% मुनाफे के संकेत
मुख्य बातें
- Lalithaa Jewellery IPO को दूसरे दिन ही निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया
- Retail और NII हिस्से में मांग मजबूत रही
- करीब ₹30 का GMP अपर प्राइस बैंड ₹201 पर संभावित 15% लिस्टिंग प्रीमियम का संकेत दे रहा है

Lalithaa Jewellery Mart IPO को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। कंपनी का ₹1,700 करोड़ का आईपीओ दूसरे दिन यानी 18 अगस्त 2026 को ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। NSE के आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू में उपलब्ध 6,27,61,403 शेयरों के मुकाबले 6,28,27,036 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं, यानी कुल सब्सक्रिप्शन 1 गुना के पार पहुंच गया। रिटेल निवेशकों का हिस्सा 113% और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) का हिस्सा भी 113% सब्सक्राइब हुआ, जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की हिस्सेदारी अभी 67% तक पहुंची थी।
Lalithaa Jewellery IPO ने मचाई धूम! दूसरे दिन ही पूरी तरह सब्सक्राइब, GMP से 15% मुनाफे के संकेत
₹1,700 करोड़ का है आईपीओ
Lalithaa Jewellery Mart का आईपीओ 17 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला है। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹190 से ₹201 प्रति शेयर तय किया है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से कंपनी का वैल्यूएशन करीब ₹11,250 करोड़ बैठता है। इस आईपीओ में करीब ₹1,200 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹500 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से नए स्टोर खोलने के लिए किया जाना है।
कंपनी ने आईपीओ खुलने से पहले ही एंकर निवेशकों से ₹508 करोड़ जुटाए थे। एंकर निवेशकों में Goldman Sachs, ICICI Prudential Mutual Fund और Bandhan Mutual Fund जैसे बड़े नाम शामिल हैं। एंकर निवेशकों की भागीदारी को आम तौर पर आईपीओ में संस्थागत रुचि के संकेत के तौर पर देखा जाता है, हालांकि इससे लिस्टिंग या भविष्य के रिटर्न की कोई गारंटी नहीं मिलती।
GMP से 15% लिस्टिंग गेन के संकेत
Lalithaa Jewellery IPO का Grey Market Premium (GMP) भी निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, GMP करीब ₹30 प्रति शेयर है। अगर अपर प्राइस बैंड ₹201 में ₹30 का GMP जोड़ें तो अनुमानित कीमत करीब ₹231 बनती है। इसका मतलब मौजूदा GMP के आधार पर करीब 15% संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत मिल रहा है। हालांकि, GMP आधिकारिक एक्सचेंज डेटा नहीं है और लिस्टिंग तक इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है। इसलिए सिर्फ GMP देखकर आईपीओ में निवेश का फैसला करना सही नहीं माना जाता।
कब होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग?
Lalithaa Jewellery Mart IPO की बोली प्रक्रिया 19 अगस्त को समाप्त होगी। इसके बाद अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी की जाएगी और कंपनी के शेयर 24 अगस्त 2026 को BSE और NSE पर लिस्ट होने प्रस्तावित हैं। यानी निवेशकों को लिस्टिंग के लिए अभी कुछ दिन इंतजार करना होगा।
1985 में शुरू हुआ था कारोबार
Lalithaa Jewellery Mart का इतिहास भी काफी पुराना है। कंपनी ने 1985 में चेन्नई के T Nagar में अपना पहला स्टोर शुरू किया था। आज कंपनी सोना, चांदी और डायमंड ज्वेलरी के कारोबार में है। आईपीओ से जुटाई जाने वाली नई पूंजी के एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल स्टोर नेटवर्क बढ़ाने में किया जाएगा। इसका मतलब है कि कंपनी आने वाले समय में अपने रिटेल कारोबार का विस्तार करना चाहती है।
निवेशकों के लिए एक अहम जोखिम
हालांकि, आईपीओ को अच्छी शुरुआती प्रतिक्रिया मिली है और GMP भी प्रीमियम की ओर इशारा कर रहा है, लेकिन निवेशकों को कंपनी के जोखिमों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। SBI Securities ने इस इश्यू पर Neutral रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के अनुसार, FY24 से FY26 के दौरान कंपनी ने राजस्व और मुनाफे में मजबूत वृद्धि दर्ज की, लेकिन इसी अवधि में सोने की कीमत में करीब 2.3 गुना वृद्धि भी कारोबार के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका रही। ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि कंपनी के पास हेजिंग पॉलिसी नहीं है, जिसके कारण अगर सोने की कीमत स्थिर होती है या गिरती है तो कंपनी के मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।
Lalithaa Jewellery Mart IPO ने दूसरे दिन ही 1 गुना सब्सक्रिप्शन पार कर निवेशकों का ध्यान खींच लिया है। रिटेल और NII कैटेगरी में मांग मजबूत दिखाई दे रही है, जबकि QIB हिस्सेदारी अभी पूरी तरह सब्सक्राइब नहीं हुई थी। दूसरी ओर, करीब ₹30 का GMP संभावित रूप से 15% लिस्टिंग प्रीमियम का संकेत दे रहा है। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि GMP अनौपचारिक है और वास्तविक लिस्टिंग प्राइस इससे अलग हो सकती है। इसलिए निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, गोल्ड प्राइस पर निर्भरता, मार्जिन, वैल्यूएशन और अपने जोखिम लेने की क्षमता को ध्यान में रखकर ही फैसला करना चाहिए।


