टेक्सटाइल सेक्टर के शेयरों को खरीदने की मची लूट, इस खबर का असर
इस डील के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाला भारी-भरकम आयात शुल्क घटाकर 18% करने पर सहमति दी है, जो पहले कई मामलों में 50% तक था। साथ ही, रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए 25% अतिरिक्त शुल्क को भी खत्म कर दिया गया है।

India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम फ्री ट्रेड डील की रूपरेखा सामने आते ही सोमवार को टेक्सटाइल सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। गोकलदास एक्सपोर्ट्स, रेमंड, वेलस्पन, अरविंद, केपीआर मिल और इंडो काउंट जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर 2% से लेकर 8% तक उछल गए। इस डील के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाला भारी-भरकम आयात शुल्क घटाकर 18% करने पर सहमति दी है, जो पहले कई मामलों में 50% तक था। साथ ही, रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए 25% अतिरिक्त शुल्क को भी खत्म कर दिया गया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है।
किस शेयर में कितनी तेजी
शेयर बाजार में सबसे ज्यादा फायदा गोकलदास एक्सपोर्ट्स को हुआ, जिसके करीब 70% निर्यात अमेरिका पर निर्भर हैं। इसके शेयर सुबह के कारोबार में 8.5% चढ़कर ₹847.95 तक पहुंच गए और बाद में ₹823 के आसपास कारोबार करते दिखे। वेलस्पन के शेयर 3.6% बढ़कर ₹145 के पास पहुंचे, जबकि अरविंद लिमिटेड में करीब 5% की तेजी रहीकेपीआर मिल, इंडो काउंट, रेमंड लाइफस्टाइल, बॉम्बे डाइंग और फिलाटेक्स इंडिया जैसे शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, पर्ल ग्लोबल इंडस्ट्रीज के शेयर हल्के दबाव में रहे और करीब 2.6% गिर गए, जबकि इसका भी अमेरिका में बड़ा कारोबार है।
क्या है डील
इस अंतरिम समझौते के तहत अब भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों पर अमेरिका में 18% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगेगा। यह दर भारत के प्रमुख प्रतिस्पर्धी देशों से कम है—जैसे चीन (30%), बांग्लादेश (20%), पाकिस्तान (19%) और वियतनाम (20%)। टेक्सटाइल मंत्रालय के मुताबिक, इससे भारतीय कंपनियों को कीमतों के मामले में साफ बढ़त मिलेगी और अमेरिकी बाजार में भारत की पकड़ और मजबूत हो सकती है। खासकर रेडीमेड गारमेंट्स, होम टेक्सटाइल और यार्न से जुड़े निर्यातकों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
आंकड़ों की बात करें तो अमेरिका को होने वाले भारतीय निर्यात में टेक्सटाइल चौथे नंबर का सबसे बड़ा सेक्टर है। FY25 में अमेरिका को भारत के कुल निर्यात का करीब 9.6% हिस्सा टेक्सटाइल का था, जिसकी वैल्यू लगभग $8.3 बिलियन रही। वहीं FY26 में नवंबर 2025 तक टेक्सटाइल निर्यात $5.1 बिलियन रहा, जो कुल निर्यात का 8.6% है। बाजार जानकारों का मानना है कि अगर यह अंतरिम डील आगे चलकर पूरे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में बदलती है, तो भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों के लिए लंबे समय में कमाई और ऑर्डर दोनों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
और पढ़ें

