
नए ITR फॉर्म्स में पॉलिटिकल डोनेशन पर टैक्स छूट के लिए अब ज्यादा जानकारी देना जरूरी कर दिया गया है, जैसे पार्टी का नाम और PAN समेत कई चीजों की जानकारी देनी होगी। इस बदलाव का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और फर्जी क्लेम को रोकना है, इसलिए टैक्सपेयर्स को अब सावधानी से ITR फाइल करनी होगी।

अब टैक्स भरना मुश्किल नहीं, बल्कि स्मार्ट हो गया है। अब यहां भी AI आपकी मदद के लिए तैयार होगा। जी हां, क्योंकि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने एक नया AI-पावर्ड प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसका नाम है कर साथी (Kar Saathi) है। आइए इसकी खासियत जानते हैं।

GST कलेक्शन में एक छोटे राज्य ने बड़ी छलांग लगाकर सबको चौंका दिया है। हम अरुणाचल प्रदेश की बात कर रहे हैं, जिसने GST रेवेन्यू ग्रोथ में पूरे देश में नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान इस प्रदेश में GST कलेक्शन में 27.5% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

2026 से ₹50,000 से ज्यादा मासिक किराया देने वाले किरायेदारों को सालाना किराए पर 2% TDS काटना अनिवार्य है। यह TDS आमतौर पर मार्च के भुगतान से काटा जाता है और 30 अप्रैल तक सरकार के पास जमा करना होता है। अगर किरायेदार यह नियम नहीं मानते, तो उन पर पेनाल्टी, ब्याज और इनकम टैक्स जांच का खतरा बढ़ जाता है।
Salary Structure change from 1 April: अगले महीने 1 अप्रैल 2026 से नई वित्तीय साल की शुरुआत के साथ नौकरीपेशा लोगों की सैलरी स्लिप में बदलाव दिख सकता है।
31 March: 31 मार्च तक कई वित्तीय काम निपटाने जरूरी हैं। इस डेड लाइन को चूकने पर बड़े आर्थिक झटके का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा पीपीएफ, इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा कराने, संशोधित इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य निपटाना भी जरूरी है।
Income Tax: आयकर विभाग जल्द ही भारत के डायरेक्ट टैक्स आधार को व्यापक बनाने और अनुपालन बेहतर करने के प्रयास में वस्तु एवं सेवा कर (GST) के डेटा का गहन विश्लेषण शुरू कर सकता है।
Income Tax Updates:: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना बजट भाषण पूरा किया। इनकम टैक्स स्लैब में कोई भी बदलाव इस बार नहीं देखने को मिला है। वहीं, एक अप्रैल से नया इनकम टैक्स कानून लागू होगा।
पान मसाला, सिगरेट, चबाने वाला तंबाकू, सिगार, हुक्का, जर्दा और सुगंधित तंबाकू समते सभी तंबाकू उत्पादों पर वर्तमान में 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता था। साथ में अलग-अलग दरों के हिसाब से क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है, लेकिन अधिसूचना के बाद अब एक फरवरी से जीएसटी की दर बढ़कर 40 प्रतिशत हो जाएगी।
नवंबर महीने का कलेक्शन अक्टूबर की बिक्री को दर्शाएगा, जो जीएसटी दरों में कटौती के पूरी तरह से लागू होने का पहला महीना था। इसलिए, राजस्व में मजबूती की उम्मीद की जा रही है। नवंबर के राजस्व के आंकड़े 1 दिसंबर को जारी होंगे।