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इन टैक्सपेयर के लिए झटका! कुर्की से जेल जाने तक की आ सकती है नौबत

  • आपने पहले इनकम टैक्स रिटर्न फाइल की है और उसमें किसी तरह की गलती थी या कोई गलत आय या आय कम बताई गई थी, तो इसे अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) के जरिए ठीक किया जा सकता था।

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Deepak Kumar नई दिल्ली, लाइव हिन्दुस्तान टीमTue, 2 April 2024 04:29 PM
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Income Tax Return: बीते 31 मार्च को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-U) सब्मिट करने की डेडलाइन खत्म हो चुकी है। अगर आप अब तक अपडेटेड रिटर्न सब्मिट नहीं कर सके हैं तो आपकी मुश्किलें बढ़ सकती है। ऐसे टैक्सपेयर्स पर आयकर विभाग 200% तक जुर्माना लगा सकता है। इसके अलावा रिटर्न में किसी तरह की गड़बड़ी पर जेल जाने की भी नौबत आ सकती है।

अपडेटेड रिटर्न किसके लिए

आपने पहले इनकम टैक्स रिटर्न फाइल की है और उसमें किसी तरह की गलती थी या कोई गलत आय या आय कम बताई गई थी, तो इसे अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) के जरिए ठीक किया जा सकता था। 31 मार्च 2024 तक टैक्सपेयर्स के लिए 50% तक जुर्माना देकर इन त्रुटियों को ठीक करने का आखिरी मौका था।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में सीए फर्म वेद जैन एंड एसोसिएट्स के पार्टनर अंकित जैन ने कहा- ITR-U की समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद टैक्सपेयर्स के पास कोई और सुधार करने का विकल्प उपलब्ध नहीं होता है। ऐसे में कार्रवाई की गुंजाइश बनी हुई है। अंकित जैन कहते हैं- टैक्स कानूनों के तहत किसी व्यक्ति को रिटर्न दाखिल करने में विफलता, आय छुपाने, गलत बयान देने जैसे जानबूझकर किए गए कृत्यों के लिए कारावास की सजा दी जा सकती है। इसलिए, एक व्यक्ति जिसने अपना ITR दाखिल किया है लेकिन ITR-U सब्मिट नहीं किया है उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। ITR-U दाखिल करना अनिवार्य नहीं है।

जेल जाने की आ सकती है नौबत

हालांकि, यदि कोई ITR में जानबूझकर कम आय की जानकारी देता है तो टैक्स अधिकारी इसके लिए कारावास की मांग कर सकते हैं। हाल ही में एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसला सुनाया जहां एक महिला को आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल नहीं करने के कारण कारावास की सजा सुनाई गई थी। महिला आईटीआर दाखिल करने के लिए उत्तरदायी थी लेकिन वह ऐसा करने में विफल रही।

कुर्की भी करने का अधिकार

हैदराबाद स्थित लॉ फर्म एकॉर्ड ज्यूरिस एलएलपी के पार्टनर अलाय रजवी के अनुसार, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट करदाता को ITR रिटर्न नहीं करने या आय की गलत/कम रिपोर्टिंग सहित अन्य मुद्दों के लिए नोटिस जारी कर सकता है। रजवी कहते हैं कि इस पर कार्रवाई करने में विफल रहने पर टैक्स डिपार्टमेंट उन संपत्तियों की कुर्की का नोटिस जारी कर सकता है जो व्यक्ति के नाम पर हैं। डिपार्टमेंट पैसे की वसूली करने में असमर्थ है तो आयकर विभाग की ओर से गिरफ्तारी का अनुरोध किया जा सकता है।

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