
टाटा ट्रस्ट की लड़ाई खुलकर सामने आई, रतन टाटा के करीबी ने तोड़ी चुप्पी, बोले - दुख हो रहा
बीते कई हफ्तों से टाटा ट्रस्ट (Tata Trust) के अंदर चल रही लड़ाई अब खुलकर सामने आ गई है। रतन टाटा (Ratan Tata) के भरोसेमंद नोशीर सूनावाला (Nosir Soonawala) ने टाटा ट्रस्ट के अंदर चले रहे विवाद पर चुप्पी तोड़ी है
बीते कई हफ्तों से टाटा ट्रस्ट (Tata Trust) के अंदर चल रही लड़ाई अब खुलकर सामने आ गई है। रतन टाटा (Ratan Tata) के भरोसेमंद नोशीर सूनावाला (Nosir Soonawala) ने टाटा ट्रस्ट के अंदर चले रहे विवाद पर चुप्पी तोड़ी है। टाटा संस के पूर्व वाइस चेयरमैन और टाटा ट्रस्ट के सदस्य रह चुके नोशीर सूनावाना कहा कि टाटा ग्रुप में जो चल रहा है वो देखकर काफी दुख हो रहा है। नोशीर सूनावाला कहते हैं कि मैंने अपना पूरा करियर इस समूह को दे दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई ही टाटा ट्रस्ट के सदस्य इस मुद्दे को जल्द सुलझा लेंगे।
नोशीर सूनावाला ने कहा कि मैं तो कई साल पहले समूह से बाहर आ चुका हूं। मैंने इस विवाद की खबर को अखबारों में पढ़ा। यह एक 157 साल पुराना समूह है। बता दें, रतन टाटा के देहांत के बाद सूनावाला एक मात्र यह व्यक्ति थे जिन्हें 11 अक्टूबर और 17 अक्टूबर 2024 की मीटिंग में बुलाया गया था।
सितंबर में शुरू हुआ विवाद
टाटा ट्रस्ट में बीच सितंबर में विवाद शुरू हुआ था। यह तब हुआ जब रतन टाटा के देहांत को अभी एक साल भी नहीं बीता था। टाटा ट्रस्ट के कई सदस्यों ने 77 वर्षीय विजय सिंह को टाटा ट्रस्ट के नॉमिनी डायरेक्टर पद पर बनाए रखने पर विरोध किया था। जिसके बाद उनका इस्तीफा हो गया था। यहीं से टाटा ट्रस्ट दो फाड़ में बंट गया थ मौजूदा समय में वेणु श्रीनिवासान और नोएल टाटा ही टाटा ट्रस्ट के लाइफ टाइम सदस्य हैं। गुरुवार को टाटा ट्रस्ट ने मेहली मिस्त्री को भी जीवन पर्यंत सदस्य बनाए रखने का आदेश जारी किया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार नोशीर सूनावाला ने हमेशा से नोएल टाटा का समर्थन किया है। वो रतन टाटा के बाद नोएल टाटा को ही चेयरमैन के पद पर चाहते थे। लेकिन पहले यह पोस्ट साइरस मिस्त्री के पास चला गया। उसके बाद टीसीएस के अधिकारी एन चंद्रशेखरन को मिला।
अमित शाह कर चुके हैं दखल
इस पूरे मामले में देश के होम मिनिस्टर अमित शाह भी दखल दे चुके हैं। अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा ट्रस्ट सदस्यों से मुलाकात की थी। लेकिन अब भी विवाद खत्म नहीं हुआ है।

लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singhतरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।




