टाटा के इस शेयर पर फिदा है ब्रोकरेज, 235 रुपये का दिया टारगेट प्राइस
मुख्य बातें
- ब्रोकरेज ने कहा कि वह उन स्टील कंपनियों को प्राथमिकता देती है जिनकी रॉ मटीरियल इंटीग्रेशन बेहतर है और कर्ज कम है
- टाटा स्टील के शेयर की बात करें तो 198 रुपये पर है
- ब्रोकरेज एंटीक ने टाटा स्टील शेयर के लिए टारगेट ₹235 दिया है

Tata Steel share price: टाटा ग्रुप की कंपनी- टाटा स्टील के शेयर में भले ही सुस्त माहौल हो लेकिन इसको लेकर ब्रोकरेज बुलिश हैं। ब्रोकरेज एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने मेटल्स और माइनिंग सेक्टर पर अपनी रिपोर्ट में कुछ स्टील कंपनियों का जिक्र किया है। ब्रोकरेज ने कहा कि वह उन स्टील कंपनियों को प्राथमिकता देती है जिनकी बाजार में मजबूत पकड़ है और जिनका रॉ मटीरियल इंटीग्रेशन बेहतर है। ये वो कंपनियां हैं जिनका कर्ज कम है और जिनकी घरेलू बाजार में अच्छी-खासी मौजूदगी है।
टाटा स्टील पर ब्रोकरेज का फोकस
घरेलू ब्रोकरेज फर्म लिस्टेड स्टील स्टॉक्स में टाटा स्टील को प्राथमिकता दे रहा है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के पोर्टफोलियो में 75% फ्लैट प्रोडक्ट्स हैं और वह अपने 5 एमटीपीए कलिंगनगर ब्लास्ट फर्नेस और 2.2 एमटीपीए कोल्ड रोलिंग मिल कॉम्प्लेक्स की क्षमता बढ़ा रही है। एंटीक ने कहा कि टाटा स्टील ने लागत कम करने के कई कदम उठाए हैं। इससे EBITDA में बढ़ोतरी होगी। हालांकि कोकिंग कोल की ज्यादा लागत से इस फायदे पर कुछ असर पड़ सकता है।
शेयर और टारगेट प्राइस
टाटा स्टील के शेयर की बात करें तो 198 रुपये पर है। ब्रोकरेज एंटीक ने टाटा स्टील शेयर के लिए टारगेट ₹235 दिया है। बता दें कि 15 मई को शेयर 224.40 रुपये तक गया था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। वहीं, शेयर का 52 वीक लो 149.70 रुपये है।
इस बीच, खबर है कि टाटा स्टील की ब्रिटेन में 1.25 अरब पाउंड की कम कॉर्बन उत्सर्जन की स्टील परियोजना की समयसीमा छह से आठ महीने तक आगे खिसक सकती है। कंपनी को परियोजना के लिए आवश्यक बिजली कनेक्शन प्राप्त करने में देरी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि टाटा स्टील ब्रिटेन के पोर्ट टैलबोट संयंत्र में 32 लाख टन क्षमता वाला इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) स्थापित कर रही है। यह प्लांट पुराने ब्लास्ट फर्नेस की जगह लेगा और कंपनी की कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की रणनीति का प्रमुख हिस्सा है।
कंपनी के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) कौशिक चटर्जी ने बताया कि टाटा स्टील ब्रिटेन सरकार, राष्ट्रीय ग्रिड और इलेक्ट्रिसिटी सिस्टम ऑपरेटर (ईएसओ) के साथ मिलकर इस देरी के प्रभाव को कम करने के प्रयास कर रही है। हालांकि, उन्होंने माना कि फिलहाल छह से आठ महीने की देरी लगभग तय है।
इस परियोजना में ब्रिटेन सरकार 50 करोड़ पाउंड की सहायता दे रही है। परियोजना के पूरा होने पर पोर्ट टैलबोट संयंत्र से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है, जो सालाना करीब 50 लाख टन उत्सर्जन कटौती के बराबर होगी।
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Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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