Tata Sons के चेयरमैन की नियुक्ती पर आज नहीं हो पाया फैसला, बोर्ड मीटिंग में मतभेद की खबरें!
रिपोर्ट के अनुसार आज यह फैसला नहीं हो पाया है। टाटा संस के बोर्ड की मीटिंग के दौरान कई तरह के मतभेद की खबर सामने आई। जिसके बाद एन चंद्रशेखरन ने उनके तीसरे कार्यकाल पर कोई भी फैसला ना लेने की मांग की।

आज 24 फरवरी दिन मंगलवार को टाटा संस (Tata Sons Board Meeting) की बोर्ड मीटिंग थी। इस मीटिंग पर सभी की निगाह थी। इस बैठक में टाटा संस के मौजूदा चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) को तीसरा कार्यकाल दिए जाने पर फैसला होना था। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार आज यह फैसला नहीं हो पाया है। टाटा संस के बोर्ड की मीटिंग के दौरान कई तरह के मतभेद की खबर सामने आई। जिसके बाद एन चंद्रशेखरन ने उनके तीसरे कार्यकाल पर कोई भी फैसला ना लेने की मांग की।
टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने टाटा ग्रुप के नए बिजनेस में हो रहे घाटे का मुद्दा मीटिंग में उठाया। जिसके बाद इस मामले में काफी गंभीर चर्चा हुई। मीटिंग में कई सदस्यों ने एन चंद्रशेखरन को दोबारा चेयरमैन बनाए जाने का समर्थन किया। वहीं, नुकसान की वजह उन्होंने ग्रीन फील्ड इन्वेस्टमेंट और उनके मैच्योरिटी में समय लगना बताया है। बता दें, टाटा संस के बोर्ड में नोएल टाटा और वेणु श्रीनिवासन को टाटा ट्रस्ट के नॉमिनी के तौर पर जगह मिली है।
नोएल टाटा ने रखी 4 बड़ी शर्त
इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने टाटा संस के नए चेयरमैन की नियुक्ति के पहले 4 शर्तें रखी हैं। पहली शर्त टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग ना हो। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नए नियमों के अनुसार अपर लेयर NBFC की लिस्टिंग अनिवार्य हो गई है। दूसरी शर्त है कि चेयरमैन को यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि कंपनी पर कोई कर्ज ना हो। तीसरी शर्त ज्यादा रिस्क वाले इन्वेस्टमेंट में सोच-समझकर पैसा लगाया जाए। जिससे अकाउंट खाली होने का डर ना बना रहे। चौथी शर्त एयर इंडिया और बिग बास्केट जैसे अधिग्रहण के बाद हुए नुकसान को कंट्रोल किया जाए।
2017 से चेयरमैन हैं एन चंद्रशेखरन
एन चंद्रशेखरन टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन के पद पर 2017 से हैं। उन्हें सायरस मिस्त्री की जगह चेयरमैन बनाया गया था। बता दें, आज की मीटिंग में सभी बोर्ड के सदस्य उपलब्ध रहे हैं। जिसमें टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा और वाइस चेयरमैन श्रीनिवासन भी शामिल हैं।
स्पेशल परमिशन की होगी जरूरत
एन चंद्रशेखरन की नियुक्त के लिए स्पेशनल परमिशन की जरूरत होगी। टाटा संस की रिटायरमेंट पॉलिसी में नॉन एक्जीक्यूटिव रोल के लिए 65 साल के बाद स्पेशल छूट दी जा सकती है। एन चंद्रशेखरन इसी साल जून के महीने में 63 साल के हो जाएंगे।
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singhतरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।


