टाटा संस के इतिहास में पहली बार सालाना बैठक रद्द, क्यों बने हालात?
मुख्य बातें
- टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की सालाना बैठक रद्द कर दी गई है
- टाटा संस के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है
- बता दें कि टाटा संस के चेयरमैन भी इस्तीफा दे चुके हैं

टाटा संस की AGM (सालाना आम बैठक) को स्थगित कर दिया गया है। टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। ईटी की खबर के मुताबिक मंगलवार को होने वाली टाटा संस की AGM को कोरम (जरूरी सदस्यों की संख्या) पूरा न होने के कारण स्थगित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि चेयरमैन बोर्ड से सलाह-मशविरा करने के बाद AGM के लिए नई तारीख तय करेंगे।
क्यों आई दिक्कत?
जानकारी के मुताबिक AGM बॉम्बे हाउस में बुलाई गई थी, जिसमें कुछ स्टेकहोल्डर्स ऑनलाइन शामिल हुए। हालांकि, टाटा संस के दो मुख्य कंट्रोलिंग ट्रस्ट में से एक, सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) ने कंपनी को बताया था कि सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के लिए महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर की मंजृरी न होने के कारण एक संयुक्त प्रतिनिधि AGM में हिस्सा नहीं ले सकता। इस वजह से मीटिंग के लिए जरूरी कोरम पूरा नहीं हो पाया।
महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर ने मई में आदेश दिया था कि एसआरटीटी के बोर्ड के गठन की जांच लंबित होने के कारण वह बोर्ड बैठक नहीं कर सकता है।
क्या है नियम?
टाटा संस के अनुच्छेद 86 के अनुसार, एजीएम में कम से कम पांच सदस्यों की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक है। इसमें SRTT और SDTT द्वारा संयुक्त रूप से नामित प्रतिनिधि भी शामिल है, बशर्ते दोनों ट्रस्ट की संयुक्त हिस्सेदारी 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो। इन दोनों ट्रस्ट की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 66 प्रतिशत है। टाटा संस में शापूरजी पालोनजी परिवार की करीब 18.37 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बता दें कि SRTT और SDTT के पास मिलकर टाटा संस की 51.54% हिस्सेदारी है, जिसमें SRTT के पास लगभग 23.5% और SDTT के पास लगभग 28% हिस्सेदारी है।
किन मुद्दों पर होने वाली थी चर्चा?
इस सालाना बैठक में अन्य मामलों के अलावा टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के निदेशक पद पर बने रहने विचार किया जाना था। बता दें कि चंद्रशेखरन ने फरवरी में अपना मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने पर नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है। चंद्रशेखरन को निदेशक के रूप में फिर से नामित करने पर विचार करने के अलावा, टाटा संस की सालाना बैठक में 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए कंपनी के वित्तीय विवरणों पर विचार किया जाना है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी के शेयरों पर डिविडेंड घोषित करने की भी योजना है। बहरहाल, अब टाटा संस की ओर से सालाना बैठक की नई तारीख का ऐलान किया जाएगा।


