
टाटा की कंपनी को ₹1245 करोड़ा का मुनाफा, कल फोकस में रहेंगे शेयर, ₹395 का है भाव
संक्षेप: कंपनी ने एक बयान में कहा कि एक साल पहले 2024-25 की इसी तिमाही में उसे 1,093 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। बता दें कि कल बुधवार को टाटा पावर के शेयर फोकस में रह सकते हैं। आज मंगलवार को कंपनी के शेयर 395.50 रुपये पर बंद हुए।
Tata Power Q2 Result: प्राइवेट सेक्टर की प्रमुख एकीकृत बिजली कंपनी टाटा पावर का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में 14 प्रतिशत बढ़कर 1,245 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से आय बढ़ने के कारण कंपनी का लाभ बढ़ा है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि एक साल पहले 2024-25 की इसी तिमाही में उसे 1,093 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। बता दें कि कल बुधवार को टाटा पावर के शेयर फोकस में रह सकते हैं। आज मंगलवार को कंपनी के शेयर 395.50 रुपये पर बंद हुए।

क्या है डिटेल
टाटा पावर की आय सितंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में तीन प्रतिशत बढ़कर 15,769 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 15,2474 करोड़ रुपये थी। कंपनी की कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) छह प्रतिशत बढ़कर 4,032 करोड़ रुपये रही।
कंपनी ने क्या कहा?
टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा ने कहा, ‘‘कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है। यह कंपनी के अपने एकीकृत और विविधीकृत व्यापार मॉडल के लिए अपनायी गई रणनीतिक पहल और निर्णयों की मजबूती को बताता है। पारंपरिक बिजली उत्पादन, स्वच्छ ऊर्जा और उपभोक्ता-केंद्रित वितरण में वृद्धि जारी है।’’
कंपनी ने किया बड़ा ऐलान
टाटा पावर ने मंगलवार को कहा कि वह एक विशेष उद्देश्यीय इकाई में 40 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 1,572 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह इकाई भूटान में 13,100 करोड़ रुपये के निवेश से 1,125 मेगावाट की दोरजिलुंग जलविद्युत परियोजना स्थापित करेगी। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि यह अधिग्रहण एक या एक से अधिक चरणों में किया जाएगा, जिसके लिए कंपनी और भूटान स्थित ड्रुक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन लि. (डीजीपीसी) के बीच एक शेयरधारक समझौता किया जाएगा। विशेष उद्देश्यीय इकाई (एसपीवी) का अभी गठन होना बाकी है। यह अधिग्रहण संबंधित पक्ष लेनदेन के अंतर्गत नहीं आएगा। हालांकि, सूचना में कहा गया है कि अधिग्रहण के बाद, एसपीवी टाटा पावर की एक सहयोगी कंपनी और परिणामस्वरूप एक संबंधित पक्ष बन जाएगी।





