टाटा पावर को 9 महीनों में ₹1000 करोड़ का झटका, एक अच्छी खबर से शेयर में हलचल
Tata Power Share Price: वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में मुंद्रा प्लांट बंद रहने के कारण टाटा पावर को लगभग ₹1,000 करोड़ का नुकसान के बाद एक अच्छी खबर है। कंपनी द्वारा गुजरात उर्जा विकास निगम से एक डील साइन की गई है।

वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में मुंद्रा प्लांट बंद रहने के कारण टाटा पावर को लगभग ₹1,000 करोड़ का नुकसान के बाद एक अच्छी खबर है। कंपनी द्वारा गुजरात उर्जा विकास निगम (GUVNL) के साथ मुंद्रा प्लांट के लिए सप्लीमेंट्री पावर परचेज एग्रीमेंट (SPPA) साइन करने के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
कंपनी ने जानकारी दी है कि वह जल्द ही महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के साथ भी इसी तरह के समझौते करेगी। मुंद्रा प्लांट से उत्पादित बिजली का करीब 50% हिस्सा गुजरात को जाता है, जबकि बाकी बिजली अन्य राज्यों को सप्लाई की जाती है। यह समझौता टाटा पावर के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे लंबे समय से घाटे में चल रहे इस प्लांट की स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
डील से शेयर में हलचल
टाटा पावर लिमिटेड के शेयर मंगलवार, 24 मार्च को शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ खुले। सुबह शेयर 395 रुपये पर खुला, लेकिन इसके बाद गिरते हुए 384.65 रुपये तक आ गया। दोपहर सवा एक बजे के आसपास यह मामूली बढ़त के साथ 387 रुपये पर था। साल 2026 में अब तक यह शेयर लगभग सपाट (फ्लैट) बना हुआ है।
गुजरात सरकार के साथ पहले भी हुआ था समझौता
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही टाटा पावर ने गुजरात सरकार के साथ मुंद्रा प्लांट के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) साइन किया था। कंपनी के एमडी और सीईओ प्रवीर सिन्हा ने बताया कि यह समझौता सेक्शन 11 के तहत तय शर्तों के अनुरूप है और सभी व्यावसायिक मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह डील गुजरात सरकार और अदानी ग्रुप के बीच हुए समझौते के समान शर्तों पर आधारित है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मुंद्रा प्लांट से जुड़े नए समझौते से टाटा पावर के भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। अगर अन्य राज्यों के साथ भी इसी तरह के एग्रीमेंट होते हैं, तो कंपनी के घाटे में कमी आ सकती है और शेयर में आगे तेजी देखने को मिल सकती है।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


