
मुनाफे से घाटे में आई टाटा की यह कंपनी, शेयर बेचते नजर आए निवेशक
संक्षेप: वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय 18,585 करोड़ रुपये रही जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 17,535 करोड़ रुपये थी। टाटा मोटर्स के शेयर की बात करें तो 2.26% टूटकर 320.25 रुपये पर बंद हुआ।
टाटा समूह के कॉमर्शियल व्हीकल कारोबार को संभालने वाली टाटा मोटर्स ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट लॉस 867 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। टाटा मोटर्स को वित्त वर्ष 2024-25 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 498 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था। वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय 18,585 करोड़ रुपये रही जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 17,535 करोड़ रुपये थी।

हालांकि, दूसरी तिमाही के नतीजों से यह भी पता चला कि कंपनी का कुल खर्च 15% बढ़कर ₹19296 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह सालाना आधार पर ₹16777 करोड़ था। कंपनी ने कहा कि 30 जुलाई 2025 को घोषित इवेको का प्रस्तावित अधिग्रहण योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है। अधिग्रहण अगले साल अप्रैल में पूरा होने की उम्मीद है।
कंपनी के सीईओ ने क्या कहा?
टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गिरीश वाघ ने कहा कि वित्तीय परिणाम मजबूत प्रदर्शन को दर्शाते हैं, जो एक ठोस और मजबूत रणनीति के कारण संभव हुआ। धीमी शुरुआत के बाद जीएसटी 2.0 के लागू होने और त्योहारों के सीजन के आने से सभी क्षेत्रों में मांग में तेजी आई।
टाटा मोटर्स के शेयर का हाल
टाटा मोटर्स के शेयर की बात करें तो 2.26% टूटकर 320.25 रुपये पर बंद हुआ। बता दें कि टाटा मोटर्स कॉमर्शियल व्हीकल्स का शेयर बुधवार को शेयर बाजार में अपने इश्यू प्राइस की तुलना में 27 प्रतिशत बढ़त के साथ सूचीबद्ध हुआ। कंपनी का शेयर टाटा मोटर्स द्वारा अपने कारोबार को दो स्वतंत्र इकाइयों में विभाजन के एक महीने से भी अधिक समय बाद सूचीबद्ध हुआ है। यात्री कारोबार इकाई टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स 14 अक्टूबर को सूचीबद्ध हुई थी। टाटा मोटर्स का विभाजन एक अक्टूबर से प्रभावी हुआ। कंपनी ने बीते वर्ष अपने कारोबार को दो अलग-अलग इकाइयों में विभाजित करने की घोषणा की थी।





