टाटा के इस शेयर में तूफानी तेजी, 11% से ज्यादा चढ़ गए दाम, 675 रुपये के पार शेयर
टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा केमिकल्स के शेयर गुरुवार को BSE में इंट्राडे के दौरान 11% से ज्यादा के उछाल के साथ 675.95 रुपये पर पहुंच गए हैं। दो दिन में टाटा केमिकल्स के शेयरों में 15 पर्सेंट से अधिक की तेजी आई है।

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा केमिकल्स के शेयरों में गुरुवार को तूफानी तेजी आई है। टाटा केमिकल्स के शेयर गुरुवार को BSE में इंट्राडे के दौरान 11 पर्सेंट से ज्यादा के उछाल के साथ 675.95 रुपये पर पहुंच गए हैं। दो दिन में टाटा केमिकल्स के शेयरों में 15 पर्सेंट से अधिक की तेजी आई है। टाटा केमिकल्स के शेयरों में पिछले कुछ समय से बिकवाली का दबाव है। कंपनी के शेयर 6 महीने में 25 पर्सेंट से अधिक टूटे हैं। टाटा केमिकल्स के शेयरों का 52 हफ्ते का हाई लेवल 1026 रुपये है। वहीं, कंपनी के शेयरों का 52 हफ्ते का लो लेवल 581.30 रुपये है।
6 महीने में 25% से ज्यादा लुढ़क गए हैं टाटा केमिकल्स के शेयर
टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals) के शेयर पिछले 6 महीने में 25 पर्सेंट से अधिक टूट गए हैं। टाटा केमिकल्स के शेयर 3 अक्टूबर 2025 को 925.30 रुपये पर थे। कंपनी के शेयर 2 अप्रैल 2026 को 675.95 रुपये पर जा पहुंचे हैं। पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों में करीब 18 पर्सेंट की गिरावट देखने को मिली है। अगर पिछले 5 साल की बात करें तो टाटा केमिकल्स के शेयर 13 पर्सेंट के करीब टूटे हैं। दिसंबर 2025 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 37.98 पर्सेंट है। जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 62.02 पर्सेंट है।
तीसरी तिमाही में कंपनी को 93 करोड़ रुपये का घाटा
टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals) को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 93 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। कंपनी को इससे पहले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 53 करोड़ रुपये का लॉस हुआ था। दिसंबर 2025 तिमाही में ऑपरेशंस से मिलने वाला कंपनी का रेवेन्यू 1.11 पर्सेंट घटकर 3550 करोड़ रुपये रहा है, जो कि इससे एक साल पहले की समान अवधि में 3590 करोड़ रुपये था।
कंपनी का क्या है कारोबार
टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा केमिकल्स लिमिटेड बेसिक केमिस्ट्री प्रॉडक्ट्स पर फोकस करती है। इन प्रॉडक्ट्स में सोडा एश, सोडियम बायोकॉर्बोनेट और सॉल्ट हैं। इसके अलावा, स्पेशियलिटी केमिस्ट्री में एग्रोकेमिकल्स, सिलिका और प्रीबायोटिक्स हैं। सोडा-एश की दुनिया की तीसरी बड़ी प्रॉड्यूसर के रूप में टाटा केमिकल्स लिमिटेड ग्लास, डिटर्जेंट और फार्मा जैसी इंडस्ट्रीज को अपनी सर्विसेज देती है। कमोडिटी केमिकल्स इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनी टाटा केमिकल्स का मार्केट कैप गुरुवार को 16,800 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। टाटा केमिकल्स की मीठापुर फैसिलिटी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 1 मिलियन टन सोडा एश प्रॉडक्शन के मुकाम को हासिल कर लिया है।
लेखक के बारे में
Vishnu Soniविष्णु सोनी लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस, गैजेट्स और ऑटो सेक्शन संभाल रहे हैं। वह दिसंबर 2020 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ
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वह दैनिक भास्कर, इकनॉमिक टाइम्स-हिंदी, अमर उजाला, नेटवर्क-18 और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर
चुके हैं। विष्णु ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से की है। विष्णु, इलाहाबाद
विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। GST को लेकर बनाए गए विष्णु के एक वीडियो को अवॉर्ड भी मिल चुका है। कुकिंग,
ट्रेवलिंग, क्रिकेट देखने और खेलने में इनको मजा आता है। अपने वक्त का एक हिस्सा विष्णु ऐसे शेयरों को 'खोजने' में लगाते
हैं, जो कि आगे चलकर अच्छा रिटर्न दें।


