₹220 तक जाएगा टाटा का यह शेयर! खूब दांव लगा रहे निवेशक
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन टाटा स्टील के शेयर 191.05 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले करीब 3 पर्सेंट चढ़कर 196.55 रुपये पर पहुंच गए। ग्लोबली ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने टाटा स्टील के शेयर के लिए ₹220 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है।

Tata Steel share price: ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच छिड़ी जंग का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है। जंग छिड़ने के बाद बाजार में बड़ा करेक्शन हो गया है। इस माहौल के बीच मंगलवार को बाजार रिकवरी मोड में आया। वहीं, टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील के शेयर में भी तूफानी तेजी आई। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन टाटा स्टील के शेयर 191.05 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले करीब 3 पर्सेंट चढ़कर 196.55 रुपये पर पहुंच गए। कारोबार के अंत में शेयर 2.09% बढ़कर 195 रुपये पर पहुंच गया।
ब्रोकरेज का क्या है अनुमान
ग्लोबली ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने टाटा स्टील के शेयर के लिए ₹220 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। बता दें कि 25 फरवरी 2026 को शेयर 216.50 रुपये पर था तो अप्रैल 2025 में शेयर 124.20 रुपये पर रहा। यह दोनों भाव शेयर के 52 हफ्ते का हाई और लो है। नोमुरा ने भारत के स्टील सेक्टर पर अपना सकारात्मक रुख बरकरार रखा है।
ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि देश की संरचनात्मक विकास गाथा और घरेलू परिस्थितियां, वैश्विक कारकों, विशेषकर चीन, की तुलना में प्रमुख स्टील कंपनियों की आय क्षमता को काफी हद तक निर्धारित करेंगी। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद घरेलू कीमतों में हो रही तेजी से भारत के इस्पात क्षेत्र पर हमारा सकारात्मक रुख मजबूत हुआ है। बता दें कि ईरान- अमेरिका के युद्ध से मध्य पूर्व में पैदा हुई उथल-पुथल ने स्टील को भारतीय धातु क्षेत्र के लिए नया मोर्चा बना दिया है। ग्लोबल ब्रोकरेज CLSA की रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक चलने वाला यह संघर्ष ऊर्जा से जुड़े कमोडिटी और परिवहन लागत को बढ़ाएगा, जिससे वैश्विक आपूर्ति-सप्लाई संतुलन तंग हो जाएगा।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में टाटा स्टील का मुनाफा कई गुना होकर 2,730.37 करोड़ रुपये हो गया। गत वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी (अक्टूबर-दिसंबर) तिमाही में कंपनी का मुनाफा 295.49 करोड़ रुपये रहा था। तिमाही में कंपनी की कुल आय बढ़कर 57,503.49 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 53,869.33 करोड़ रुपये थी। टाटा स्टील देश की शीर्ष वैश्विक इस्पात कंपनियों में शामिल है जिसकी वार्षिक कच्चा इस्पात उत्पादन क्षमता 3.5 करोड़ टन है।
टाटा स्टील के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक टी.वी. नरेंद्रन के मुताबिक वैश्विक परिवेश पर आयात शुल्क, भू-राजनैतिक बदलावों और नीतिगत बाधाओं का असर देखा जा रहा है। चीन से स्टील निर्यात में वृद्धि का असर स्टील मार्केट पर रहा। इस सभी के बीच टाटा स्टील का तिमाही प्रदर्शन मजबूत रहा। उन्होंने बताया कि वाहन निर्माता कंपनियों के लिए कंपनी की स्टील आपूर्ति सालाना 20 प्रतिशत बढ़ी। खुदरा कारोबार में भी तेजी रही।
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