
टाटा की कंपनी में हैकिंग से ब्रिटेन की इकोनॉमी को चोट, 2.55 अरब डॉलर का लगा झटका
संक्षेप: हैकिंग के कारण लगभग छह हफ्ते के बंद के बाद जगुआर लैंड रोवर ने इस महीने की शुरुआत में मैन्युफैक्चरिंग फिर से शुरू किया। बता दें कि टाटा के स्वामित्व वाली इस लग्जरी कार निर्माता कंपनी के ब्रिटेन में तीन कारखाने हैं।
भारत की टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) की अगस्त में हुई हैकिंग से ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को 1.9 अरब पाउंड (2.55 अरब डॉलर) का नुकसान हुआ। इस हैकिंग की वजह से देश के 5,000 से ज्यादा संगठन प्रभावित हुए। यह जानकारी ब्रिटेन के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र (एनसीएससी) के पूर्व प्रमुख सहित उद्योग विशेषज्ञों से बनी एक स्वतंत्र, गैर-लाभकारी संस्था, साइबर मॉनिटरिंग सेंटर (सीएमसी) द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर वाहन निर्माता कंपनी में उत्पादन को हैकिंग से पहले के स्तर पर लाने में देरी होती है तो नुकसान और भी ज्यादा हो सकता है।

क्या है रिपोर्ट में?
सीएमसी की रिपोर्ट में कहा गया है- यह घटना ब्रिटेन में आर्थिक रूप से सबसे ज्यादा नुकसानदेह साइबर घटना प्रतीत होती है, जिसका ज्यादातर वित्तीय प्रभाव जगुआर लैंड रोवर और उसके आपूर्तिकर्ताओं के मैन्युफैक्चरिंग उत्पादन में आई कमी के कारण हुआ है। हैकिंग के कारण लगभग छह हफ्ते के बंद के बाद जगुआर लैंड रोवर ने इस महीने की शुरुआत में मैन्युफैक्चरिंग फिर से शुरू किया। बता दें कि इस लग्जरी कार निर्माता कंपनी के ब्रिटेन में तीन कारखाने हैं, जो मिलकर प्रतिदिन लगभग 1,000 कारों का उत्पादन करते हैं।
हाई-प्रोफाइल हैकिंग घटनाओं में से एक
यह घटना इस साल प्रमुख ब्रिटिश कंपनियों को प्रभावित करने वाली कई हाई-प्रोफाइल हैकिंग घटनाओं में से एक थी। अप्रैल में एक उल्लंघन के कारण दो महीने तक अपनी ऑनलाइन सेवाओं को बंद रखने के बाद, खुदरा विक्रेता मार्क्स एंड स्पेंसर को लगभग 300 मिलियन पाउंड (लगभग 400 मिलियन डॉलर) का नुकसान हुआ। जगुआर लैंड रोवर को इस बंद से प्रति सप्ताह लगभग 50 मिलियन पाउंड का नुकसान हो रहा था। बता दें क सितंबर के अंत में ब्रिटिश सरकार द्वारा आपूर्तिकर्ताओं की सहायता के लिए 1.5 बिलियन पाउंड की ऋण गारंटी प्रदान की गई थी।





