मजबूत फंडामेंटल्स वाले इन शेयरों के टार्गेट प्राइस दे रहे बड़े संकेत, जानें किन पर नहीं लगाना है दांव
मौजूदा बाजार उतार-चढ़ाव के बीच ICICI सिक्योरिटीज ने कल्याण ज्वेलर्स, होनासा कंज्यूमर और इंडिगो पेंट्स पर अपना टार्गेट प्राइस बढ़ाया है। साथ में इसने Buy रेटिंग भी दी है। आइए जानें किन शेयरों पर दांव लगाने के लिए मना कर रही यह फर्म…
ICICI सिक्योरिटीज की ताजा सेक्टर रिपोर्ट ने कंज्यूमर स्टेपल्स और डिस्क्रिशनरी स्पेस में कई शेयरों के लिए आकर्षक टार्गेट प्राइस तय किए हैं, जो मौजूदा स्तरों से मजबूत अपसाइड का संकेत देते हैं। खास बात यह है कि शेयर मार्केट की अनिश्चितता और वैश्विक दबावों के बावजूद इन कंपनियों के फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं, जिससे ब्रोकरेज हाउस ने चुनिंदा स्टॉक्स पर ‘BUY’ और ‘ADD’ रेटिंग बरकरार रखी है।
सबसे ज्यादा अपसाइड वाले शेयर
कल्याण ज्वेलर्स
ICICI सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, डिस्क्रिशनरी सेगमेंट में कल्याण ज्वेलर्स सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसका टार्गेट प्राइस ₹670 रखा गया है, जो शुक्रवार के बंद ₹440 के स्तर से करीब 52% अपसाइड दर्शाता है। ज्वेलरी सेक्टर में मजबूत डिमांड, शादी-सीजन और ब्रांडेड ज्वेलरी की बढ़ती हिस्सेदारी इसके पीछे मुख्य वजह मानी जा रही है।
Honasa Consumer
इसी तरह Honasa Consumer (ममाअर्थ की पेरेंट कंपनी) के लिए ₹500 का टार्गेट दिया गया है, जो ₹345 के शुक्रवार के बंद से 45% की तेजी का संकेत देता है। डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स और FMCG में नई कैटेगरी ग्रोथ इस स्टॉक को सपोर्ट कर रही है।
इंडिगो पेंट्स
पेंट सेक्टर में इंडिगो पेट्स का टार्गेट ₹1200 रखा गया है, जो शुक्रवार के बंद ₹837 के मुकाबले 43% अपसाइड दिखाता है। कंपनी का प्रीमियम प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंशन इसके ग्रोथ ड्राइवर हैं।
कंज्यूमर स्टेपल्स कौन से शेयर कर सकते हैं कमाल
कंज्यूमर स्टेपल्स में AWL Agri Business का टार्गेट ₹250 रखा गया है, जो ₹182 से 37% उछाल का संकेत देता है। खाद्य तेल और पैकेज्ड फूड में इसकी मजबूत पकड़ इसे लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी बनाती है।
ज्योति लैब्स (टार्गेट ₹300) और HUL (टार्गेट ₹2700) भी क्रमशः 31% और 26% अपसाइड के साथ निवेशकों के रडार पर हैं। HUL जैसे दिग्गज में स्थिर ग्रोथ और प्राइसिंग पावर इसे डिफेंसिव प्ले बनाती है।
नेस्ले इंडिया के लिए ₹1550 का टार्गेट दिया गया है, जो करीब 23% अपसाइड का संकेत देता है। प्रीमियम प्रोडक्ट्स और ग्रामीण बाजार में विस्तार कंपनी के लिए पॉजिटिव फैक्टर हैं।
रिटेल और कंज्यूमर ब्रांड्स में टाइटन (₹5000 टार्गेट, 12% अपसाइड) भी मजबूत ग्रोथ स्टोरी के रूप में सामने आए हैं। टाइटन में ज्वेलरी और वॉच बिजनेस की स्थिर मांग इसे लंबी अवधि का पसंदीदा बनाती है।
इन पर दांव लगाने से बचें
हालांकि, कुछ शेयरों में गिरावट का संकेत भी दिया गया है। जैसे कोलगेट (टार्गेट ₹1650) और पेज इंडस्ट्रीज (₹31,500) में क्रमशः निगेटिव दिखाया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि इन स्टॉक्स में वैल्यूएशन महंगे हो चुके हैं। यानी इन शेयरों से अभी दूर रहें।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति
कुल मिलाकर रिपोर्ट यह संकेत देती है कि कंज्यूमर सेक्टर में अभी भी चुनिंदा शेयरों में मजबूत अपसाइड मौजूद है। खासकर ज्वेलरी, FMCG और पेंट सेक्टर में ग्रोथ के मौके बने हुए हैं। ऐसे में निवेशकों को हाई अपसाइड वाले क्वालिटी स्टॉक्स पर फोकस करना चाहिए, जहां फंडामेंटल और डिमांड दोनों मजबूत हैं।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


