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डिलीवरी बॉय से कैब ड्राइवर तक, गिग वर्कर्स के लिए कंपनियों को करना होगा ये काम

डिलीवरी बॉय से कैब ड्राइवर तक, गिग वर्कर्स के लिए कंपनियों को करना होगा ये काम

संक्षेप:

सरकार ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसले में चार श्रम संहिताओं को तत्काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की। इनके जरिये 29 मौजूदा श्रम कानूनों को तर्कसंगत बनाया गया है। इसमें गिग वर्कर्स के लिए कई अहम ऐलान हुए हैं।

Nov 21, 2025 09:41 pm ISTDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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देश में नए लेबर लॉ आज यानी 21 नवंबर 2025 से लागू हो गए हैं। इसके लागू होने से कर्मचारियों को कई बड़ी सुविधाएं मिलने वाली हैं। इसके तहत गिग वर्कर्स के लिए भी कुछ अहम ऐलान हुए हैं। गिग वर्कर्स में फ्रीलांसर, डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवर्स आते हैं। नए लेबर लॉ के लागू होने से स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी ऑनलाइन फूड डिलीवरी, ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स कंपनियों सहित कई अन्य कंपनियों को अब अपने वार्षिक कारोबार का 2% तक गिग और प्लेटफॉर्म कर्मचारियों के लिए आवंटित करना होगा।

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पहली बार गिग वर्कर्स के लिए हुआ ये काम

बता दें कि सरकार ने पहली बार कानूनों में गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर्स और एग्रीगेटर्स की परिभाषा जोड़ते हुए स्पष्ट किया है कि ये श्रमिक देश के औपचारिक आर्थिक ढांचे का हिस्सा हैं। नए श्रम संहिताओं के तहत सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 को लागू करते हुए मंत्रालय ने घोषणा की कि सभी गिग तथा प्लेटफॉर्म वर्कर्स को अब पीएफ, ईएसआईसी, बीमा और अन्य सुरक्षा लाभों का अधिकार होगा। इससे पहले यह लाभ केवल संगठित क्षेत्र तक सीमित थे, जिसके कारण देश के 80% से अधिक श्रमिक ऐसे थे जिन्हें सामाजिक सुरक्षा का कोई लाभ नहीं मिलता था।

कंपनियां क्या करेंगी?

नए लेबर लॉ के अनुसार, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को रोजगार देने वाली एग्रीगेटर कंपनियों को अपने वार्षिक कारोबार का 1-2% श्रमिकों को देने की आवश्यकता नहीं होगी। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने यह भी बताया कि कंपनियों द्वारा इन श्रमिकों को देय राशि में से गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए आवंटन की ऊपरी सीमा 5% होगी। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक घोषणा में कहा- एग्रीगेटर्स को वार्षिक टर्नओवर का 1-2% योगदान देना होगा, जो गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को भुगतान/देय राशि के 5% तक सीमित होगा।

यूनिवर्सल अकाउंट नंबर का ऐलान

सरकार ने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) की भी घोषणा की है, जो आधार से जुड़ा होगा और देशभर में पूरी तरह पोर्टेबल रहेगा। इसका लाभ यह होगा कि अगर कोई गिग वर्कर दिल्ली से मुंबई या किसी भी अन्य राज्य में नौकरी बदलता है, तब भी उसका सामाजिक सुरक्षा खाता सक्रिय रहेगा और उसमें जमा राशि सुरक्षित रहेगी। इससे उन लाखों श्रमिकों को बड़ी राहत मिलेगी जो बार-बार काम बदलते हैं या अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर काम करते हैं।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

Deepak Kumar
दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
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