मॉर्गन स्टेनली कैपिटल के इंडेक्स से Swiggy आउट, निवेशकों के लिए जानना जरूरी
मुख्य बातें
- MSCI ने बुधवार, 2 सितंबर को इस फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म को अपने प्रमुख MSCI ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स और MSCI मिड कैप इंडेक्स से हटाने की घोषणा की है
- बता दें कि कंपनी को करीब एक साल पहले ही इन इंडेक्स में शामिल किया गया था

Swiggy share price: अगर आपके पोर्टफोलियो में स्विगी के शेयर हैं तो ये खबर काम की हो सकती है। दरअसल, ग्लोबल इंडेक्स प्रोवाइडर MSCI ने बुधवार, 2 सितंबर को इस फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म को अपने प्रमुख MSCI ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स और MSCI मिड कैप इंडेक्स से हटाने की घोषणा की है। इंडेक्स से स्विगी को हटाने का फैसला 7 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। इस खबर के बीच स्विगी के शेयर बुधवार को 2.65% गिरकर बंद हुए। बता दें कि कंपनी को करीब एक साल पहले ही इन इंडेक्स में शामिल किया गया था।
मॉर्गन स्टेनली कैपिटल इंटरनेशनल यानी MSCI से बाहर होने के बाद उन विदेशी फंडों की ओर से शेयरों में बिकवाली बढ़ सकती है, जो इन इंडेक्स को ट्रैक करते हैं। बाजार के अनुमानों के अनुसार, MSCI इंडेक्स से बाहर होने के बाद स्विगी में करीब 340 मिलियन डॉलर यानी 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का पैसिव आउटफ्लो हो सकता है। मतलब निवेश की निकासी हो सकती है।
MSCI ने क्यों लिया फैसला?
ऐसा माना जा रहा है कि MSCI से स्विगी की विदाई का मुख्य कारण कंपनी के विदेशी स्वामित्व से जुड़े बदलाव को माना जा रहा है। 18 अगस्त को कंपनी की AGM में स्विगी को भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनी बनाने से जुड़ा प्रस्ताव मंजूर किया गया था। भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनी के तौर पर अर्हता प्राप्त करने के लिए, विदेशी हिस्सेदारी 50% से कम होनी चाहिए जबकि बोर्ड में अधिकतर सदस्य भारत में रहने वाले भारतीय होने चाहिए। स्विगी ने जून में विदेशी हिस्सेदारी की सीमा को 50.02% से घटाकर 49.5% कर दिया था।
स्विगी के शेयर का परफॉर्मेंस
स्विगी के शेयरों को अक्टूबर 2025 से लगातार बिकवाली का सामना करना पड़ रहा है। अब तक शेयर की कीमत में लगभग 37% की गिरावट आई है और यह गिरकर लगभग 267 रुपये प्रति शेयर पर आ गया है। शेयर ने कई बार रिकवरी की कोशिश की लेकिन ये उछाल शॉर्ट टर्म का रहा। पिछले 11 महीनों में, शेयर ने आठ महीनों में नुकसान दर्ज किया है। इसमें जनवरी 2026 में 20% की गिरावट के साथ सबसे बड़ा मासिक नुकसान दर्ज किया गया है। साल 2026 में अब तक स्विगी के शेयरों में 31% की गिरावट आई है, जो 2025 में दर्ज की गई 30% की गिरावट के अतिरिक्त है।
कंपनी का फ्यूचर प्लान
हाल ही में स्विगी ने फ्यूचर प्लान के बारे में बताया है। कंपनी वित्त वर्ष 2030-31 तक अपने खाद्य वितरण और क्विक कॉमर्स कारोबार में वृद्धि के दम पर लगभग 10,000 करोड़ रुपये का समायोजित एबिटा हासिल करने का लक्ष्य रख रही है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का एबिटा सालाना आधार पर 162 करोड़ रुपये सुधरा, जिससे उसका घाटा घटकर 651 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी ने कहा कि वह कर्ज-मुक्त है और उसके पास 14,400 करोड़ रुपये की नकद राशि उपलब्ध है।


