28 जुलाई पर सुजलॉन के निवेशकों की निगाहें! Q1 रिजल्ट से पहले 10% टूटा शेयर, अब आएगी नई तेजी?
मुख्य बातें
- सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) ने घोषणा की है कि कंपनी का बोर्ड 28 जुलाई को Q1FY27 के वित्तीय नतीजों को मंजूरी देगा
- इससे पहले जुलाई में शेयर करीब 10% गिर चुका है
- अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि Q1 रिजल्ट शेयर में नई तेजी लाते हैं या दबाव बढ़ाते हैं

अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं और सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) के शेयर पर नजर बनाए हुए हैं, तो 28 जुलाई आपके लिए बेहद अहम तारीख साबित हो सकती है। देश की प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी सुजलॉन एनर्जी ने घोषणा की है कि उसकी बोर्ड मीटिंग 28 जुलाई 2026 को होगी, जिसमें वित्त वर्ष 2026-27 (Q1FY27) की अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि कंपनी के प्रदर्शन से शेयर में नई तेजी आएगी या फिर हालिया गिरावट और बढ़ सकती है।
दिलचस्प बात यह है कि जुलाई महीने में अब तक सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) का शेयर करीब 10% टूट चुका है। हालांकि, इससे पहले लगातार चार महीनों तक शेयर में शानदार तेजी देखने को मिली थी और उसने कुल मिलाकर लगभग 38% का रिटर्न दिया था, यानी फिलहाल शेयर में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है। इसके बावजूद यह शेयर अभी भी सितंबर 2024 में बनाए गए अपने ₹86 के ऑल टाइम हाई से लगभग 38% नीचे कारोबार कर रहा है।
पिछले तिमाही का प्रदर्शन
अगर कंपनी के पिछले तिमाही के प्रदर्शन पर नजर डालें तो मार्च 2026 तिमाही में सुजलॉन का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 5.6% घटकर ₹1,114 करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹1,181 करोड़ था। मुनाफे में यह गिरावट मुख्य रूप से डिफर्ड टैक्स बेनिफिट (Deferred Tax Benefit) कम होने की वजह से आई। हालांकि, ऑपरेशनल बिजनेस की तस्वीर काफी मजबूत रही। कंपनी का रेवेन्यू ₹3,774 करोड़ से बढ़कर ₹5,468 करोड़ पहुंच गया, जो कारोबार में मजबूत मांग का संकेत देता है।
वित्त वर्ष 2025-26 में दमदार प्रदर्शन
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो कंपनी का प्रदर्शन काफी दमदार रहा। सालाना आधार पर नेट प्रॉफिट ₹2,072 करोड़ से बढ़कर ₹3,163 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू ₹10,851 करोड़ से बढ़कर ₹16,679 करोड़ पहुंच गया। यह दिखाता है कि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कंपनी लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
मजबूत 5.9 गीगावॉट (GW) का ऑर्डर
सुजलॉन (Suzlon) के लिए एक और बड़ी सकारात्मक बात उसका मजबूत 5.9 गीगावॉट (GW) का ऑर्डर बुक है। इसमें लगभग 66% ऑर्डर सरकारी और कमर्शियल एवं इंडस्ट्रियल (C&I) सेक्टर से आए हैं। यह आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई को मजबूती दे सकता है।
पहला कमर्शियल ऑर्डर
हाल ही में कंपनी ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। जून के आखिर में उसने अपनी नई S175 (5.0 MW) विंड टर्बाइन के लिए पहला कमर्शियल ऑर्डर हासिल किया। सनस्योर (Sunsure Energy) ने 105 मेगावॉट का ऑर्डर दिया, जो इस नई और अत्याधुनिक टर्बाइन का पहला व्यावसायिक प्रोजेक्ट है। कंपनी का दावा है कि यह भारत की सबसे ऊंची और सबसे पावरफुल विंड टर्बाइनों में से एक है, जो देश में बड़े स्तर पर पवन ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दे सकती है।
कंपनी अब सिर्फ विंड टर्बाइन बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। हाल ही में आयोजित निवेशक बैठक में प्रबंधन ने बताया कि उसका लक्ष्य खुद को फुल-स्टैक रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशन प्रोवाइडर बनाना है। इसके तहत कंपनी प्रोजेक्ट डेवलपमेंट, ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M), सोलर एनर्जी, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी से विस्तार करने की योजना पर काम कर रही है।
सुजलॉन (Suzlon) ने FY31 तक के लिए भी बड़े लक्ष्य तय किए हैं। कंपनी को उम्मीद है कि उसका रेवेन्यू 25% से ज्यादा की CAGR से बढ़ेगा। साथ ही ऑर्डर बुक को 15 GW, सालाना बिक्री को 10 GW और प्रबंधन के तहत मौजूद एसेट्स (AUM) को 70 GW से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 28 जुलाई को आने वाले Q1 नतीजे क्या संकेत देंगे? अगर कंपनी मजबूत ऑर्डर, बेहतर मार्जिन और कमाई में सुधार दिखाती है, तो शेयर में फिर से तेजी लौट सकती है। वहीं, अगर नतीजे बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहे, तो हालिया गिरावट कुछ और समय तक जारी रह सकती है। ऐसे में आने वाले तिमाही नतीजे न केवल सुजलॉन (Suzlon) के शेयर की दिशा तय करेंगे, बल्कि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के निवेशकों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
डिस्क्लेमर- हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
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