₹74 पर जा सकता है एनर्जी कंपनी का यह चर्चित शेयर, अभी सुस्त पड़ा है भाव
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि डेटा सेंटर, कमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल (C&I) ग्राहक और सरकारी कंपनियां मिलकर 2030 तक 20-24 GW की अतिरिक्त विंड डिमांड पैदा कर सकती हैं, जो भारत के 100 GW के टारगेट से अलग होगी।

Suzlon Energy Ltd: सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड के शेयर आज मंगलवार को कारोबार के दौरान फोकस में हैं। आज कंपनी के शेयर 2 पर्सेंट तक टूट गए और 47.44 रुपये पर आ गए। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने सुजलॉन एनर्जी के शेयर को लेकर एक बार फिर भरोसा जताया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹74 का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा स्तरों से देखें तो इसमें करीब 54% तक की तेजी की संभावना बताई गई है। हालांकि हाल के दिनों में सुजलॉन एनर्जी के शेयर दबाव में रहे हैं और सोमवार को यह 1% गिरकर ₹47.94 पर बंद हुआ। स्टॉक अपने 52-वीक हाई से करीब 37% नीचे है, लेकिन मोतीलाल का मानना है कि अब इसमें जोखिम के मुकाबले रिटर्न ज्यादा आकर्षक है।
क्या है ब्रोकरेज की राय
ब्रोकरेज के मुताबिक, सुजलॉन एनर्जी के शेयरों पर दबाव की वजह निवेशकों की कुछ चिंताएं रही हैं। इनमें सोलर सेगमेंट के मुकाबले विंड पावर की हिस्सेदारी कम होना, विंड इंस्टॉलेशन की रफ्तार धीमी होना और कंपटीशन बढ़ना शामिल है। हालांकि, मोतीलाल का कहना है कि ये चिंताएं पहले से ही शेयर के दाम में शामिल हो चुकी हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि डेटा सेंटर, कमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल (C&I) ग्राहक और सरकारी कंपनियां मिलकर 2030 तक 20-24 GW की अतिरिक्त विंड डिमांड पैदा कर सकती हैं, जो भारत के 100 GW के टारगेट से अलग होगी।
क्या है डिटेल
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि सुजलॉन की EPC (Engineering, Procurement & Construction) रणनीति उसे दूसरों से आगे रखती है। कंपनी अपने ऑर्डर बुक में EPC की हिस्सेदारी 50% तक बढ़ाने पर काम कर रही है, जिससे उसे बड़े और जटिल प्रोजेक्ट्स में फायदा मिलेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि सुजलॉन का एक्जीक्यूशन ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत है और EPC स्पेस में चीनी कंपनियों की सीमित मौजूदगी भी इसके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। साथ ही, जिन 40 GW प्रोजेक्ट्स के PPAs अभी पेंडिंग हैं, उनमें से ज्यादातर सोलर से जुड़े हैं, जबकि विंड की हिस्सेदारी बेहद कम है।
आगे की संभावनाओं पर बात करते हुए सुजलॉन ग्रुप के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गिरीश तांती ने CNBC-TV18 से कहा कि अगले दो साल में कंपनी 10 गीगावॉट क्षमता पार कर सकती है। उन्होंने बताया कि 2030 तक यह क्षमता 13 से 15 GW तक पहुंच सकती है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी करीब 20 GW सालाना है और आने वाले समय में एक्सपोर्ट ऑर्डर्स भी ग्रोथ का बड़ा जरिया बन सकते हैं। फिलहाल सुजलॉन एनर्जी को लेकर सभी 9 एनालिस्ट्स ने ‘Buy’ रेटिंग दी है, यानी यह शेयर फिलहाल कंसेंसस बाय की कैटेगरी में है।

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Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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