
अडानी खरीद लेंगे सहारा ग्रुप की 88 प्रॉपर्टी! 6 हफ्ते टली सुनवाई, सरकार के जबाव का इंतजार
संक्षेप: सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की उस याचिका पर सुनवाई छह सप्ताह के लिए सोमवार को टाल दी जिसमें अडानी ग्रुप को संपत्तियां बेचने की अनुमति मांगी गई थी कोर्ट ने केंद्र से कहा कि वह इस मुद्दे पर न्यायमित्र द्वारा प्रस्तुत रिप्रेजेंटेशन पर भी अपना जवाब दाखिल करे।
सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की उस याचिका पर सुनवाई छह सप्ताह के लिए सोमवार को टाल दी जिसमें अडानी ग्रुप को संपत्तियां बेचने की अनुमति मांगी गई थी कोर्ट ने केंद्र से कहा कि वह इस मुद्दे पर न्यायमित्र द्वारा प्रस्तुत रिप्रेजेंटेशन पर भी अपना जवाब दाखिल करे। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश की पीठ ने इस मामले में सहकारिता मंत्रालय को पक्षकार बनाया। बता दें, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के मंत्री अमित शाह हैं।

सरकार का क्या है पक्ष
इससे पहले केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सहारा समूह ने कई सहकारी समितियां बनाई हैं जो प्रभावित हो सकती हैं। इस मामले में न्यायमित्र सीनियर एडवोकेट शेखर नफड़े ने अदालत को एक अभिवेदन सौंपते हुए कहा कि उन्हें सहारा समूह द्वारा बेची जाने वाली संपत्तियों के संबंध में बहुत सारी आपत्तियां मिली हैं। खासतौर पर 34 संपत्तियों के संबंध में आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।
सहारा ग्रुप का क्या है जवाब
सहारा समूह की ओर से सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि वह न्यायमित्र द्वारा प्रस्तुत अभिवेदन पर प्रतिक्रिया दाखिल करना चाहेंगे। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि बहुत सारी संपत्तियां जाली दस्तावेजों के आधार पर बेची या पट्टे पर दी गईं। पीठ ने कहा कि बिक्री या पट्टे के दस्तावेजों पर गौर करने के लिए यह उपयुक्त मंच नहीं है और अधीनस्थ अदालत या (कोई गठित) विशिष्ट समिति ही इन दस्तावेजों पर गौर कर सकती है।
मुख्य न्यायाधीश गवई ने नफड़े से कहा, “सरकार को अपना जवाब दाखिल करने दीजिए और फिर हम उन मुद्दों पर विचार करेंगे।” पीठ ने मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह के लिए टाल दी और केंद्र से सहारा कंपनी की याचिका के साथ-साथ न्यायमित्र के रिप्रेजेंटेशन पर भी अपना जवाब दाखिल करने को कहा।
88 संपत्तियों को बेचने की मांगी गई है परमिशन
सर्वोच्च अदालत ने 14 अक्टूबर को सहारा इंडिया कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की याचिका पर केंद्र, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) और अन्य हितधारकों से जवाब मांगा था। इस याचिका में सहारा ने अपनी 88 प्रमुख संपत्तियों को अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को बेचने की अनुमति मांगी थी।





