सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी को दिया झटका, लोन फ्रॉड से जुड़ा है मामला
सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी की बंबई हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश अनिल अंबानी द्वारा दायर तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया।

उद्योगपति अनिल अंबानी को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी की बंबई हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने साथ ही अंबानी को बैंकों के कारण बताओ नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट की एकल पीठ के समक्ष अपनी याचिका जारी रखने की अनुमति दी। पीठ ने एकल पीठ से कहा कि वह इन बैंक द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के खिलाफ अंबानी की याचिका पर शीघ्र निर्णय करे।
आपको बता दें कि बंबई हाईकोर्ट ने तीन बैंकों द्वारा उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के खातों को फर्जी घोषित करने के लिए शुरू की गई कार्यवाही को जारी रखने की अनुमति दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश अंबानी द्वारा दायर तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया, जिनमें उन्होंने हाईकोर्ट की खंडपीठ के 23 फरवरी के आदेश को चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने एकल पीठ के आदेश को कर दिया था रद्द
खंडपीठ ने एकल पीठ के उस अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया था जिसमें उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के खिलाफ खातों को फर्जी घोषित करने की कार्यवाही पर रोक लगाई गई थी। इसके साथ ही खंडपीठ ने तीन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और ऑडिट कंपनी बीडीओ इंडिया एलएलपी द्वारा दिसंबर 2025 में एकल पीठ के अंतरिम आदेश के खिलाफ दायर अपीलों को स्वीकार कर लिया था। एकल पीठ के आदेश में इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा की जा रही वर्तमान और भविष्य की सभी कार्रवाइयों पर रोक लगाई गई थी।
अदालत ने कहा था कि यह कार्रवाई कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण फॉरेंसिक ऑडिट पर आधारित है और भारतीय रिजर्व बैंक के अनिवार्य दिशानिर्देशों का उल्लंघन करती है। अंबानी ने एकल पीठ के समक्ष इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस को चुनौती दी थी जिनमें उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस के खातों को फर्जी खाते घोषित करने की मांग की गई थी।
अमिताभ झुनझुनवाला पर रिलायंस पावर की सफाई
इस बीच, रिलायंस ग्रुप के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ झुनझुनवाला को मनीलॉन्ड्रिंग मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद रिलायंस पावर ने कहा कि झुनझुनवाला का वर्ष 2019 के बाद से ही समूह के साथ कोई संबंध नहीं है। अनिल अंबानी की अगुवाई वाले समूह की कंपनी ने एक बयान में कहा कि झुनझुनवाला सितंबर, 2019 में ही समूह से अलग हो गए थे और उसके बाद से उनका समूह की किसी भी कंपनी से कोई जुड़ाव नहीं रहा है।
यह जांच कथित बैंक लोन फ्रॉड से जुड़ी है, जिसमें रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड जैसी कंपनियों के जरिये फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल कर गड़बड़ी किए जाने का आरोप है। ईडी का मनी लॉन्ड्रिंग मामला सीबीआई की तरफ से दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है।
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