मोदी सरकार के इस फैसले से चमके शुगर स्टॉक्स, शेयरों ने भरी उड़ान
मुख्य बातें
- मोदी सरकार ने एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देते हुए 22% से 30% एथेनॉल वाले पेट्रोल (E22, E25, E27, E30) पर एक्साइज ड्यूटी खत्म कर दी है
- इस खबर से बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयर 2% से अधिक उछलकर 548.55 रुपये पर पहुंच गए हैं
- धामपुर शुगर मिल में 2.12 प्रतिशत की तेजी है और यह 144.32 रुपये पर पहुंच गया है

मोदी सरकार ने 22% से 30% तक एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल (E22, E25, E27 और E30) को एक्साइज ड्यूटी से छूट देने का फैसला किया है। सरकार के इस कदम से एथेनॉल उत्पादन से जुड़ी चीनी कंपनियां निवेशकों के रडार पर हैं और उनमें तेजी नजर आ रही है।
शुगर स्टॉक्स में शानदार बढ़त
बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयर 2 प्रतिशत से अधिक उछलकर 548.55 रुपये पर पहुंच गए हैं। श्री रेणुका शुगर्स के शेयर भी हरे निशान पर हैं और ये करीब 22 रुपये पर पहुंच गए हैं। धामपुर शुगर मिल में 2.12 प्रतिशत की तेजी है और यह 144.32 रुपये पर पहुंच गया है। बजाज हिन्दुस्तान में तेजी है और यह 18.90 रुपये पर है। डालमिया भारत में 1.12 प्रतिशत की तेजी है। यह 334.35 रुपये पर पहुंच चुका है।
कंपनियां डिस्टिलरी क्षमता बढ़ाने में कर चुकी हैं बड़ा निवेश
बता दें धामपुर चीनी मिल्स,त्रिवेणी इंजीनियरिंग एवं उद्योग समेत कई कंपनियों ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी डिस्टिलरी क्षमता बढ़ाने में बड़ा निवेश किया है। यदि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) ज्यादा एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल की खरीद बढ़ाती हैं, तो इन कंपनियों की एथेनॉल बिक्री और आय में बढ़ोतरी हो सकती है।
सरकार ने क्यों उठा रही ऐसे कदम
यह कदम भारत को आयातित क्रूड ऑयल पर निर्भरता घटाने और बायोफ्यूल को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा है। फिलहाल E20 (20% एथेनॉल) को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब BIS ने E22 से E30 के लिए गुणवत्ता मानक जारी कर दिए हैं, जो 15 मई 2026 से लागू हुए। इनमें एथेनॉल प्रतिशत, ऑक्टेन लेवल, सल्फर मात्रा और सुरक्षा मानक तय किए गए हैं।
एथेनॉल मिश्रण से कच्चे तेल का आयात बिल घटेगा, विदेशी मुद्रा की बचत होगी, किसानों (गन्ना, अनाज) को अतिरिक्त आय मिलेगी और कार्बन उत्सर्जन कम होगा। सरकार का लक्ष्य पेट्रोल में 30% एथेनॉल मिश्रण हासिल करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल उपभोक्ताओं पर सीमित असर होगा, हालांकि माइलेज और इंजन रखरखाव को लेकर चिंताएं बनी हैं। यह टैक्स छूट स्पष्ट संकेत है कि भारत E20 से आगे E30 की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे एनर्जी सेक्टर और शुगर इंडस्ट्री को बड़ा फायदा होगा।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


