पस्त बाजार में भी शुगर कंपनियों के शेयर ने लगाई दहाड़, कुछ के ₹50 से भी कम भाव
मुख्य बातें
- बाजार में बिकवाली के बीच धामपुर शुगर लिमिटेड, द्वारिकेश शुगर लिमिटेड और बजाज हिंदुस्तान लिमिटेड जैसी शुगर कंपनियों के शेयरों में 15% तक की बढ़त देखी गई
- आइए जानते हैं कि आखिर क्यों उछाल आया है

Sugar stocks return: शेयर बाजार बुधवार को भले ही दबाव में हो लेकिन शुगर स्टॉक्स की रफ्तार अच्छी थी। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को धामपुर शुगर लिमिटेड, द्वारिकेश शुगर लिमिटेड और बजाज हिंदुस्तान लिमिटेड जैसी शुगर कंपनियों के शेयरों में 15% तक की बढ़त देखी गई। इसके अलावा, बलरामपुर चीनी मिल्स, ईआईडी पैरी (इंडिया), त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज, श्री रेणुका शुगर्स और बजाज हिंदुस्तान शुगर के शेयरों में भी हलचल देखने को मिली है। बता दें कि कई शुगर स्टॉक पेनी कैटेगरी के हैं। ये शेयर 50 रुपये से भी कम के हैं। आइए डिटेल में जान लेते हैं।
प्रमुख कंपनी शेयर का इंट्रा-डे हाई
धामपुर शुगर लिमिटेड 181.80 रुपये (करीब 10%)
द्वारिकेश शुगर लिमिटेड 50 रुपये (करीब 12%)
बजाज हिंदुस्तान लिमिटेड 21.26 रुपये (करीब 13%)
श्री रेणुका शुगर के शेयर में भी 8 पर्सेंट का उछाल आया और यह 25.96 रुपये तक जा पहुंचा। वहीं, त्रिवेणी इंजीनियरिंग के शेयर 4 पर्सेंट उछलकर 288.25 रुपये तक गए।
शुगर स्टॉक्स में उछाल के कारण
इसकी वजह कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और त्योहारी सीजन से पहले घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों का बढ़ना था। इसके अलावा, सरकार की ओर से इंपोर्ट ड्यूटी हटाए जाने की खबरों से भी शुगर स्टॉक्स को बूस्ट मिला।
चीनी मिलों के लिए सरकार का फैसला
सरकार ने चीनी मिलों के लिए यह जरूरी कर दिया है कि वे बिक्री के सात दिनों के अंदर चीनी का स्टॉक भेज दें। यह आदेश 30 नवंबर, 2026 तक लागू रहेगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि देखा गया था कि कुछ मिलें महीने की शुरुआत में ही बिक्री पूरी कर लेती थीं लेकिन स्टॉक महीने के आखिर में भेजती थीं। खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने कहा कि इस तरह देर से स्टॉक भेजने से कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है और सट्टेबाजी वाली खरीद को बढ़ावा मिल सकता है।
विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने वाली मिलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कहा है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए वह चीनी मिलों के स्टॉक की फिजिकल जांच करती रहेगी। जुलाई में सरकार ने अगस्त से शुरू होने वाले चार महीनों के लिए व्यापारियों पर स्टॉक रखने की सीमा भी तय की थी।
इंपोर्ट ड्यूटी खत्म करने की तैयारी में सरकार
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार त्योहारों के मौसम से पहले घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें कम करने और लोकल सप्लाई बढ़ाने के लिए चीनी पर लगने वाली 100% इंपोर्ट ड्यूटी को कम करने या खत्म करने पर विचार कर रही है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है।


