सरकार के लगाम से चीनी के दाम धड़ाम: 6000 के नीचे आया थाेक भाव
मुख्य बातें
- Sugar Prices: मुंबई और रायपुर में चीनी के दाम 6000 रुपये प्रति क्विंटल के नीचे आ गए हैं
- मुंबई में दाम 850 रुपये गिरे हैं
- दिल्ली में चीनी 6000 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गई है
- यह 6600 रुपये पर पहुंच गई थी
मोदी सरकार के एक्शन के बाद चीनी के दाम तेजी से नीचे आ रहे हैं। दो दिन में खुदरा बाजार में चीनी 5 से 7 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हुई है। जबकि थोक भाव 6000 से भी नीचे आ गए हैं। ChiniMandi के ताजा रेट्स के मुताबिक दिल्ली में मंगलवार को चीनी 63 रुपये किलो बिकी। इसका हाई 68 रुपये था।
वहीं, चीनी की कीमत कानपुर में अब 69 की जगह 63 रुपये पर आ गई है। मुंबई में चीनी का भाव अब 68 रुपये से घटकर 62 रुपये, गुवाहटी में 71 से घटकर 64, हैदराबाद में 70 से घटकर 63 और चेन्नई में 70 रुपये से घटकर 67 रुपये किलो रह गई। हालांकि कुशीनगर, गोरखपुर, बस्ती, महराजगंज जिलों में चीनी का फुटकर भाव अभी भी 60 से 65 रुपये किलो ही है।
चीनी के थोक भाव में भी गिरावट
अगर होलसेल प्राइस की बात करें तो मुंबई और रायपुर में चीनी के दाम 6000 रुपये प्रति क्विंटल के नीचे आ गए हैं। मुंबई में दाम 850 रुपये गिरे हैं। दिल्ली में चीनी 6000 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गई है। यह 6600 रुपये पर पहुंच गई थी। कानपुर में भी चीनी के दाम में बड़ी गिरावट है। यहां एक क्विंटल चीनी 6050 रुपये पर आ गई है। बता दें मई-जून में एक्स-मिल कीमतें 3,900-4,200 रुपये प्रति क्विंटल थीं, जो जुलाई के बाद बढ़कर 5,700 रुपये से ऊपर पहुंच गईं।
17 अगस्त के बाद तेजी ने पकड़ी रफ्तार
बता दें 17 अगस्त के बाद चीनी की कीमतों में तेजी अचानक तेज हो गई। दिल्ली में 17 अगस्त को भाव 59 रुपये किलो था। अगले दिन यह 62 रुपये, 19 अगस्त को 64 रुपये और 20 अगस्त को 67 रुपये किलो पहुंच गया। इसके बाद 21 अगस्त को भाव 68 रुपये किलो हुआ और 22 अगस्त को भी इसी स्तर पर बना रहा। यानी दिल्ली में केवल 17 से 20 अगस्त के बीच चार दिनों में चीनी 8 रुपये किलो महंगी हो गई। दूसरे शहरों में भी इसी तरह तेज बढ़ोतरी देखने को मिली।
एक्शन में आई सरकार
चीनी के दाम में भारी तेजी ने मोदी सरकार के कान खड़े कर दिए। सरकार तुरंत एक्शन मोड में आ गई। जमाखोरी रोकने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाइयां शुरू हो गईं। चीनी मिलों को टाइट किया गया। इस बीच सरकार ने 10 लाख टन रॉ शुगर के शुल्क-मुक्त आयात का फैसला कर लिया। यानी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का असर चीनी की कीमतों पर दिखना शुरू हो गयाा है।


