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इनवेस्को के प्रस्ताव को क्यों नहीं मिली मंजूरी, Zee के सीईओ पुनीत गोयनका ने बताई पूरी बात

एजेंसी,नई दिल्लीPublished By: Deepak Kumar
Thu, 14 Oct 2021 05:42 PM
इनवेस्को के प्रस्ताव को क्यों नहीं मिली मंजूरी, Zee के सीईओ पुनीत गोयनका ने बताई पूरी बात

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड और कंपनी की फंड निवेशक इनवेस्को के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। इस बीच, जी एंटरटेनमेंट के सीईओ पुनीत गोयनका ने एक बयान जारी किया है।

क्या कहा कंपनी के सीईओ ने: पुनीत गोयनका ने कहा- इनवेस्को के प्रस्ताव में मेरा ध्यान वैल्यूएशन में दिखी असमानता पर था। ये कंपनी के शेयरहोल्डर्स के हित में नहीं था।  प्रस्ताव से सहमत नहीं होने का एकमात्र कारण यह था कि इसमें शेयरहोल्डर के मूल्य से समझौता किया जा रहा था। पुनीत गोयनका ने ये भी सवाल किया कि क्या अच्छा कॉर्पोरेट प्रशासन केवल कॉरपोरेट्स पर लागू होता है, उनके संस्थागत निवेशकों पर नहीं? गोयनका ने कहा कि उन्हें भारतीय न्यायिक और नियामक प्रणाली में पूरा विश्वास है।

इससे पहले, जी एंटरटेनमेंट ने इनवेस्को के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि कंपनी कॉर्पोरेट कुशासन और बोर्ड गैर-पारदर्शी तरीके से कार्य कर रहा है। जी एंटरटेनमेंट ने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह से इनवेस्को का कंपनी और उसके निदेशक मंडल के खिलाफ कदम दुर्भावना से प्रेरित और कंपनी संचालन व्यवस्था के मुद्दे पूरी तरह से अलग है। कंपनी ने इनवेस्को से प्रस्तावित सौदे को लेकर आधी सच्चाई सामने लाना बंद करने को कहा। 

इनवेस्को ने कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी पुनीत गोयनका को पद से हटाने की अपनी मांग के समर्थन में शेयरधारकों को खुला पत्र लिखा था। सोनी पिक्चर नेटवर्क्स इंडिया (एसपीएनआई) के साथ अपने प्रस्तावित विलय पर, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइज लिमिटेड ने कहा कि वह प्रस्तावित सौदे का मूल्यांकन करने के लिए इनवेस्को को सूचना की आवश्यकता की सराहना करती है।  हालांकि, सोनी के साथ गैर-बाध्यकारी समझौते की सभी प्रमुख शर्तों को लेकर सहमति है। इसके बारे में 22 सितंबर, 2021 को खुलासा किया गया था।

जी ने कहा, ‘‘यह भी खुलासा किया गया है कि हम सोनी के साथ बाध्यकारी समझौते पर बातचीत की प्रक्रिया में हैं और नियम के अनुसार जरूरी इनवेस्को समेत सभी शेयरधारकों से उनकी मंजूरी के लिये संपर्क किया जाएगा। इससे सभी शेयरधारकों को समझौते की समीक्षा का मौका मिलेगा।’’

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इनवेस्को ने सोनी पिक्चर नेटवर्क्स इंडिया के साथ विलय पर सवाल उठाया था और कहा था कि संस्थापक परिवार को गैर-प्रतिस्पर्धी माध्यम से अतिरिक्त दो प्रतिशत इक्विटी उपहार में देने की घोषणा की गयी है जो पूरी तरह से अनुचित लगती है। साथ ही संस्थापक परिवार को अपनी हिस्सेदारी चार प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का रास्ता भी प्रदान करती है। जिस तरीके से यह सब किया जा रहा है, इसमें पारदर्शिता का अभाव है।’’

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