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कर सलाह: कब्जा मिलने पर ही होम लोन के ब्याज में कर छूट

home loan

मैं एक निजी कंपनी में कार्यरत हूं। मैंने एक मकान कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी से सितंबर 2015 में हार्उंसग लोन लेकर खरीदा। अभी तक मुझे मकान का कब्जा नहीं प्राप्त हुआ है। इसी कारण मैं किराये के मकान में रह रहा हूं। मैंने हार्उंसग लोन और मकान किराये भत्ते दोनों का आयकर में लाभ लिया है। क्या मैं आगे भी यह लाभ ले सकता हूं। -संदीप कुमार, कानपुर

आपको मकान का कब्जा नहीं प्राप्त हुआ है। इस कारण से आप किराये के मकान में रह रहे हो। अत: मकान किराये भत्ते का लाभ तो लेना उचित है। जहां तक हार्उंसग लोन का सवाल है तो लोन पर देय ब्याज की छूट तभी प्राप्त होती है, जब मकान पर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आपको उसका कब्जा दे दिया गया हो। कब्जा प्राप्त होने के बाद, निर्माण की अवधि तक का ब्याज आप कब्जे वाले साल के साथ आगे के चार सालों में अर्थात पांच किस्तो में विभाजित कर ले सकते हैं। जहां तक होम लोन के मूल धन की वापसी का सवाल है तो वो इसकी अदायगी के साथ आयकर की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख तक की छूट ले सकते हो।

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मैंने अपनी आय व बैंक लोन से मकान बनवाया है। क्या मैं इसकी वसीयत अपनी बहू के नाम पर कर सकता हूं। -आलोक कुमार, कानपुर

आप मकान की वसीयत अपनी बहू के नाम से कर सकते हैं। लेकिन वसीयत का महत्व तभी है, जब यह जीवन की समाप्ति के बाद लागू हो अन्यथा इसका महत्व नहीं होगा। जीवन रहते हुए यदि वसीयत लागू होती है तो फिर यह एक उपहार के समान ही होगी और आयकर नियमों के अनुसार पुत्रवधू को दिया गया कोई भी उपहार जो बिना प्रतिफल के है, उससे यदि कोई आय होती है तो वह आयकर की धारा 64(1)(अप) के तहत संपति के हस्तांतरणकर्ता की आय मानी जाएगी। 

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मकान मेरी सास का है और उनका देहान्त हो चुका है। मेरे ससुर अभी हैं। बिजली का बिल उनके नाम से ही आता है। हाउस टैक्स मेरे पति के नाम से जमा होता है। क्या मैं मकान पर किराये भत्ते का लाभ ले सकती हूं। -कविता, सोनीपत

सास के बाद यदि वास्तव में मकान ससुर के नाम से ही है और आप ससुर को किराया देती हो तो फिर आप मकान किराये भत्ते का लाभ ले सकती हो। मकान किराया भत्ते का लाभ तभी प्राप्त होता है जब हम वास्तव में किराये के मकान में रहते हों। ससुर के नाम पर होने से आप उनको किराया देकर यह लाभ प्राप्त कर सकती हैं।

मेरी कुछ धनराशि एक निजी कंपनी में जमा है, जिस पर कंपनी ने सालाना ब्याज अदा करते समय स्त्रोत पर कर की कटौती की है, लेकिन कंपनी ने अभी तक काटे गए कर को आयकर विभाग के खाते में जमा नहीं कराया। इस कारण से फॉर्म 26 एएस में दिखाई नहीं दे रहा। कर ना जमा कराने के कारण कंपनी फॉर्म 16ए भी नहीं दे रही। ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए। -गूजरमल वर्मा, पटना

मुझे लगता है कि आपको थोड़ा और इंतजार करना चाहिए। अनेक बार कंपनी काटे गए कर को जमा तो करा देती है परन्तु टीडीएस की विवरणी जमा करने में देरी कर देती है। कारण कि जिनका कर काटा गया है उनकी पूरी जानकारी एकत्र करने में समय लग जाता है। परन्तु कुछ समय के बाद भी यही स्थिति रहती है तो फिर आयकर विभाग में आप कंपनी की शिकायत कर सकते हैं। काटे गए कर को ना जमा कराना आयकर विधान की धारा 274बी के तहत आपराधिक कृत्य है, जिसमें संबधित अधिकारियों को कारावास तक की सजा हो सकती है।

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  • Web Title:you will get tax relaxation on interest of home loan only in this situation