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अलविदा 2018: इस साल रुपये और बाजार ने बनाया नया रिकॉर्ड

अलविदा 2018: इस साल रुपये और बाजार ने बनाया नया रिकॉर्ड

इस साल रुपये ने गिरावट और शेयर बाजार (Share Market)  ने ऊंचाई का नया रिकॉर्ड कायम किया। सेंसेक्स नौ अगस्त को पहली बार 38,000 अंक को पार कर गया। वहीं निफ्टी ने भी 11,495 की ऊंचाई को छुआ। हालांकि उसके बाद से शेयर बाजार में गिरावट आई है।

रुपये ने बड़ी गिरावट झेली-
तेल की मार से रुपया गोता लगाते हुए 11 अक्तूबर को डॉलर के मुकाबले सबसे निचले स्तर 74.45 पर पहुंच गया। लेकिन नवंबर में तेल में एक तिहाई गिरावट के बाद रुपया ने तेजी से वापसी की है।

महंगाई में नरमी-
कच्चे तेल में उछाल से पेट्रोल-डीजल ने अक्तूबर ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। पेट्रोल 05 अक्तूबर को 84 रुपये के पार कर गया। हालांकि महंगाई पर इसका असर नहीं दिखा और खुदरा महंगाई नवंबर में 2.33% पर आ गई, जो 17 माह में सबसे कम थी। इससे ब्याज दर में फिर कमी की गुंजाइश बनी है।

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जीएसटी में टैक्स स्लैब घटाने का संकेत-
जीएसटी लागू हुए 18 महीने हो गए हैं और केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि जल्द ही ज्यादातर उत्पादों पर एक स्लैब के दायरे में लाया जाएगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संकेत दिया है कि जीएसटी में स्थिरता आने के साथ 12 और 18 फीसदी को विलय कर एक स्लैब बनाई जाएगी और राजस्व देने वाले ज्यादातर उत्पाद इसी श्रेणी में होंगे। आवश्यक वस्तुएं शून्य या पांच फीसदी की श्रेणी में होंगी और सिर्फ हानिकारक उत्पाद ही 28% की स्लैब में होंगे।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, 'राजस्व में स्थिरता के साथ जीएसटी की दरों में लगातार कमी की जा रही है। जीएसटी रिटर्न की नई व्यवस्था भी अगले साल से लागू हो जाएगी और हम ई-वॉलेट के जरिये तेजी से रिफंड की प्रणाली भी लागू कर रहे हैं।'

सबसे तेज जीडीपी-
2018-19 की पहली तिमाही में विकास दर 8.2% रही, जो दूसरी तिमाही में 7.1% रह गई। हालांकि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था बना हुई है।

मुद्रा भंडार लुढ़का-
अमेरिका में ब्याज दर में लगातार वृद्धि से विदेशी मुद्रा भंडार सितंबर में पहली बार 400 अरब डॉलर के नीचे आया। राजकोषीय घाटा भी अक्तूबर में लक्ष्य को पार कर गया।

 

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  • Web Title:year ender 2018 rupees and share market made new record