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6 अप्रैल, 2020|8:10|IST

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कोयले की बिजली से दुनिया को परहेज

Coal power stations will be closed (Symbolic Image)

जलवायु मोर्चो पर एक अच्छी खबर है। विश्व भर में कोयले से बनने वाली बिजली के उत्पादन में इस साल करीब तीन प्रतिशत की गिरावट होगी। चूकि अब तक इसमें बढ़ोत्तरी का ही दौर था इसलिए यह संकेत महत्वपूर्ण है।

भारत और चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भी यह कमी देखी गई है। इतना ही नहीं भारत कोयला बिजली संयंत्रों की उपयोगिता का प्रतिशत 58 फीसदी से नीचे आ गया है। सोमवार को जारी होने वाली ‘ग्लोबल कोल पॉवर सेट फॉर रिकॉर्ड फाल' रिपोर्ट में कहा गया है कि तीन फीसदी की गिरावट का मतलब है कि कोयला निर्मित बिजली के उत्पादन में 300 टेरावॉट (टीडब्ल्यूएच) की कमी होगी।

यह जर्मनी, स्पेन और ब्रिटेन द्वारा पिछले साल किए गए कुल कोयला बिजली उत्पादन से भी ज्यादा है। इससे कार्बन डाई आक्साइड के उर्त्सजन में कमी आएगी। यह विश्लेषण इस साल के शुरुआती 10 महीनों के दौरान दुनिया में उपलब्ध बिजली इस्तेमाल के मासिक आंकड़ों पर आधारित है।

रिपोर्ट के अनुसार भारत में वर्ष 2019 के शुरुआती 10 महीनों के दौरान बिजली की मांग में बढ़ोत्तरी की दर का नाटकीय रूप से घट रही है। अक्टूबर में मांग में 13.2 फीसदी की गिरावट आई। जनवरी से सितंबर के बीच कोयला रहित बिजली संयंत्रों से उत्पादन में करीब 12%की बढ़ोत्तरी हुई।
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  • Web Title:world cautious about electricity with coal