Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़Which one is better for investing in gold jewelry gold ETF or sovereign gold bonds

सोने के गहने, गोल्ड ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश के लिए कौन बेहतर? जानें यहां

कोरोना संकट से उबर रही दुनियाभर के शेयर बाजारों में रौनक है। कोरोना काल के दौरान जब इन बाजारों की हालत खास्ता थी तो डॉलर और गोल्ड निवेशकों को सबसे ज्यादा आकर्षित किए। फिजिकल गोल्ड, गोल्ड...

Drigraj Madheshia एजेंसी, नई दिल्लीMon, 11 Jan 2021 09:54 AM
पर्सनल लोन

कोरोना संकट से उबर रही दुनियाभर के शेयर बाजारों में रौनक है। कोरोना काल के दौरान जब इन बाजारों की हालत खास्ता थी तो डॉलर और गोल्ड निवेशकों को सबसे ज्यादा आकर्षित किए। फिजिकल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बांड में लोगों ने खूब पैसा लगाया। पिछले साल सुरक्षित निवेश के तौर पर स्वर्ण आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेशकों का आकर्षण बढ़ने से गोल्ड- ईटीएफ में 6,657 करोड़ रुपये का भारी-भरकम शुद्ध निवेश किया गया।  मोदी सरकार ने एक बार फिर आज यानी 11 जनवरी से गोल्ड बांड में निवेश करने का एक और मौका पेश किया है। ऐसे में आपके लिए जानना जरूरी है कि अगर गोल्ड में ही निवेश करना है तो कहां करें ताकि ज्यादा रिटर्न भी मिले और निवेश सुरक्षित भी हो....

बता दें गोल्ड ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बांड से अधिक सुविधाजनक फिजिकल गोल्ड होता है। यानी ज्वैलर्स ले खरीदा ए सोने को रखने व बेचने में आसानी होती है। हालांकि गोल्ड ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बांड में फिजिकल गोल्ड की तरह शुद्धता चेक करने की भी जरूरत नहीं होती है। 

फिजिकल गोल्ड

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नेशन स्टॉक एक्सचेंज के मुताबिक  फिजिकल गोल्ड अपने वास्तविक मूल्य से कम रिटर्न देता है। इसको रखना तो आसान है पर चोरी होने का जोखिम ज्यादा होता है। इतना ही नहीं हॉलमार्क न हो तो इसकी शुद्धता भी संदिग्ध होती है। जहां तक इसको बेचने की बात है तो इसे किसी भी ज्वैलर्स के यहां आसानी से बेच सकते हैं। इस पर बैंक आसानी से लोन भी दे देते हैं।

गोल्ड ईटीएफ

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फिजिकल गोल्ड की तरह इसमें भी रिटर्न कम मिलता है। हालांकि यह घर में रखे सोने के गहने की तुलना में ज्यादा सुरक्षित होता है। जहां तक शुद्धता का सवाल है तो इलेक्ट्रानिक रूप में होने के कारण इसकी शुद्धता का पूरा भरोसा कर सकते हैं। इस पर तीन साल के बाद लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। इस पर लोन नहीं मिलता। इसे एक्सचेंज पर कभी भी बेचा जा सकता है और इसको रखने का खर्च भी काफी कम है।

सॉवरेन गोल्ड बांड

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रिटर्न के लिहाज से यह सबसे बेहतरीन है। सोने की कीमत में जितनी बढ़ोतरी होगी, उससे अधिक वास्तविक रिटर्न मिलेगा। यह फिजिकल गोल्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित है। जहां तक शुद्धता की बात है तो इलेक्ट्रॉनिक रूप में होने के कारण इसकी शुद्धता पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता। इस पर तीन साल के बाद लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा (मैच्योरिटी तक रखने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगेगा) वहीं इसका लोन के लिए  इसका उपयोग कर सकते हैं। अगर बात रिडेंप्शन की करें तो पांच साल के बाद कभी भी इसको भुना सकते हैं।

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