जानें किन-किन चाइनीज कंपनियों की पहुंच आपके आपके घर तक है, Paytm समेत कई कंपनियों में लगा है चीन का पैसा
मुख्य बातें
- एलएसी पर गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव जारी है
- सूचना प्रसारण मंत्रालय ने आईटी एक्ट एंड रूल्स के सेक्शन 69A के तहत 59 ऐसे ऐप्स को बैन कर..

एलएसी पर गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव जारी है। सूचना प्रसारण मंत्रालय ने आईटी एक्ट एंड रूल्स के सेक्शन 69A के तहत 59 ऐसे ऐप्स को बैन कर दिया, जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक थे। भारत ने उस समय भी कड़ा कदम उठाया था, जब शेयर बाजार में गिरावट का फायदा उठाने के लिए चीनी कंपनियां सक्रिय हो गई थीं, लेकिन क्या आपको पता है कि खाने, खिलौने, मोबाइल, ऑटोमोबाइल, वित्तीय लेनदेन, घरों की लाइट से लेकर मनोरंजन के क्षेत्र तक चीनी कंपनियां भारत के घर-घर में हैं।
पेटीएम, स्विगी, बाइट डांस, शियोमी, स्नैपडील, ओला, टिकटॉक और जोमैटो समेत कई कंपनियों में चीन ने निवेश कर रखा है। बैन से पहले तक यूसी ब्राउजर के रूप में सीधे पहुंच भारत में थी। इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, इस्पात, दवा क्षेत्र में चीनी कंपनियों का भारतीय बाजार पर दबदबा है। भारत ही नहीं चीन का दुनियाभर की कंपनियों में भारी निवेश है। बीते महीने वैश्विक बाजारों में गिरावट के बाद दिग्गज कंपनियों के शेयर काफी सस्ते हो गए तो चीन ने आक्रामक ढंग से भारत समेत अमेरिका, यूरोप की कंपनियों में निवेश तेज कर दिया। बीते दिनों चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने भारत की एचडीएफसी में हिस्सेदारी बढ़ाकर एक फीसदी से अधिक कर ली। इसके बाद केंद्र सरकार ने चीन समेत पड़ोसी देशों से आने वाले विदेशी निवेश के नियम कड़े कर दिए।
तकनीक के दम पर राज
चीन तकनीक के दम पर दुनियाभर के बाजारों पर राज कर रहा है। चिकित्सा, अंतरिक्ष, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल प्रौद्योगिकी समेत कई मामलों में वह दुनिया के कई देशों से आगे है। विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक में चीन की महारत को देखते हुए अगर पाबंदी लगाई तो हमें सस्ती तकनीक मिलनी बंद हो जाएगी।
भारतीय कंपनियों में चीन का निवेश
| कंपनी | संभावित निवेश (करोड़ डॉलर में) |
| स्नैपडील-अलीबाबा | 70 |
| पेटीएम-अलीबाबा | 55 |
| ओला-टेंनसेंट | 50 |
| स्विगी-टेंनसेंट, माएटुआन डिनपिंग | 50 |
| बिग बास्केट-अलीबाबा | 25 |
| जोमैटो-अलीबाबा | 20 |
| ड्रीम 11-टेंनसेंट | 15 |
| हाइक-टेंनसेंट | 15 |
डेटा और एनालिटिक्स फर्म ग्लोबल डेटा के आंकड़ों के अनुसार, चार साल में भारतीय स्टार्टअप में चीन के इन्वेस्टमेंट में 12 गुना की वृद्धि हुई। 2016 में इन स्टार्टअप में चीन की कंपनियों का निवेश 381 मिलियन अमरीकी डालर (लगभग 2,800 करोड़ रुपये) था जो 2019 बढ़कर 4.6 बिलियन डॉलर (लगभग 32 हजार करोड़ रुपये) हो गया।
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भारत की इन कंपनियों में चीन का बड़ा निवेश-भारत की कई कंपनियों में चीन का निवेश है जिनमें से डेलहीवेरी, फ्लिपकार्ट, हाइक, मेकमायट्रिप, ओला, स्नैपडील, स्विगी, उड़ान, जोमैटो, बिग बास्केट, बायजू, ओयो, पेटीएम, पेटीएम मॉल, पालिसी बाजार प्रमुख हैं। भारत में 24 भारतीय स्टार्टअप्स में से 17 स्टार्टअप में चीन की अलीबाबा और टेंसेंट जैसी कम्पनियां कॉरपोरेट निवेश कर रही है।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


