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बिजनेसदेखें कहां-कहां 100 के पार हुआ पेट्रोल, आगे 4 रुपये और महंगा हो सकता है

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Drigraj Madheshia
Mon, 10 May 2021 02:28 PM
देखें कहां-कहां 100 के पार हुआ पेट्रोल, आगे 4 रुपये और महंगा हो सकता है

पेट्रोल और डीजल की कीमतें सोमवार को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। अब राजस्थान और मध्य प्रदेश बाद महाराष्ट्र में भी पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार कर गया है। पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा सोमवार को जारी नए रेट्स के मुताबिक पेट्रोल की कीमत में 26 पैसे और डीजल की कीमत में 33 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में  पेट्रोल 3 से 4 रुपये महंगा हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो देखें और कितने शहरों में पेट्रोल 100 के पार चला जाएगा...

शहर का नाम पेट्रोल रुपये/लीटर

डीजल रुपये/लीटर

श्रीगंगानगर 102.42 94.74
अनूपपुर 102.12 92.75
रीवा 101.76 92.41
परभणी 100.2 90.06
इंदौर 99.62 90.45
भोपाल 99.55 90.36
जयपुर 97.92 90.61
मुंबई 97.86 89.17
पुणे 97.5 87.46
बेंगलुरु 95 86.99
पटना 93.77 87.27
चेन्नई 93.38 86.96
कोलकाता 91.66 84.9
दिल्ली 91.53 82.06

 दिल्ली में पेट्रोल अब 91.53 रुपये प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है, जबकि डीजल की कीमत 82.06 रुपये प्रति लीटर है। पिछले एक सप्ताह में पांच बढ़ोतरी के साथ पेट्रोल की कीमत में 1.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 1.33 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।

तीन से चार रुपये महंगा हो सकता है पेट्रोल

आईआईएफएल सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटीज एंड करेंसीज) अनुज गुप्ता ने बताया कि मांग बढ़ने के साथ कच्चा तेल महंगा होना शुरू हो गया है। ऐसे में बहुत उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक ब्रेंट क्रूड 75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ तो भारतीय बाजार में पेट्रोल 3 से 4 रुपये महंगा हो सकता है। इतना ही उछाल डीजल की कीमत में भी देखने को मिल सकता है। यह कोरोना संकट के बीच महंगाई बढ़ाने का काम करेगा क्योंकि डीजल महंगा होने से माल भाड़ा बढ़ेगा। साथ ही तमाम पेट्रोलियम उत्पाद महंगे होंगे।

मांग बढ़ने की उम्मीद में आई तेजी

ऊर्जा विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा ने हिन्दुस्तान को बताया कि कच्चे तेल की कीमत में तेजी उम्मीद पर बढ़ी है। दरअसल, तेल की खपत करने वाले बड़े देशों में टीकाकरण काफी तेजी से चलाया जा रहा है। इसमें अमेरिका, चीन, ब्रिटेन समेत कई पश्चिमी देश शामिल हैं। ऐसे में तेल उत्पादक देशों को उम्मीद है कि जल्द ही दुनिया की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट आएगी। इससे ईंधन की मांग तेजी से बढ़ेगी लेकिन मांग के अनुरूप उत्पादन करना एकदम से संभव नहीं होगा। इसी उम्मीद में कीमत बढ़ रही है। हालांकि, जैसा तेल उत्पादक देश सोच रहे हैं ऐसा हो यह कहना अभी जल्दबाजी होगा।

कच्चा तेल 35 फीसदी तक महंगा हुआ

इस साल में अब तक कच्चे तेल में 35 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। अमेरिका, यूरोप में लॉकडाउन में ढील से तेजी आई है। अमेरिका में तेजी से हो रहे वैक्सीनेशन से बल मिला है। चीन के अच्छे आर्थिक आंकड़ों से सपोर्ट मिला है। गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि गर्मियों के सीजन में ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर तक जा सकता है।

खुदरा कीमतों में 60 फीसदी तक शुल्क

वर्तमान में पेट्रोल की खुदरा कीमत में 60 प्रतिशत तक केन्द्र और राज्य के करों का हिस्सा है, जबकि डीजल के खुदरा मूल्य में करों का हिस्सा 54 प्रतिशत तक है। वहीं, वर्तमान में प्रतयेक राज्य पेट्रोल, डीजल पर अपनी जरूरत के हिसाब से मूल्य वर्धित कर (वैट) लगाता है, जबकि केन्द्र इस पर उत्पाद शुल्क और अन्य उपकर वसूलता है। इसके चलते देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल के दाम 102 रुपये लीटर तक पहुंच गया है।

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