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बजट में उपयोग होने वाले इन 10 महत्वपूर्ण शब्दों को क्या आप जानते हैं?

1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश कर सकती हैं। 2022 का बजट कैसा होगा यह तो 1 फरवरी को ही पता चलेगा, लेकिन बजट के बारे में कई ऐसी शब्दावलियां या तथ्य हैं, जिनसे शायद आप भी अनजान...

बजट में उपयोग होने वाले इन 10 महत्वपूर्ण शब्दों को क्या आप जानते हैं?
Drigraj Madheshiaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 17 Jan 2022 12:55 PM

1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश कर सकती हैं। 2022 का बजट कैसा होगा यह तो 1 फरवरी को ही पता चलेगा, लेकिन बजट के बारे में कई ऐसी शब्दावलियां या तथ्य हैं, जिनसे शायद आप भी अनजान होंगे। तो ऐसे ही 10 शब्दावलियों के बारे में हम आपको बता रहे हैं ,जिन्हें जानना आपके लिए भी बेहद जरूरी है-

वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट 

  • बजट का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट ।
  • संविधान की धारा 112 में  कहा गया है कि सरकार हर साल संसद के समक्ष अपने सालाना खर्चे (आय-व्यय) का पूरा विवरण पेश करेगी। 
  • इसे ही वार्षिक वित्तीय विवरण कहा जाता है। यह दस्तावेज तीन भागों में बंटा होता है।
  • पहला समेकित निधि, दूसरा आकस्मिक निधि और तीसरा सार्वजनिक खाता। 
  • इनमें से प्रत्येक के लिए, केंद्र सरकार को राजस्व और व्यय का एक लेखा-जोखा प्रस्तुत करना आवश्यक है।

संचित निधि 

  • सभी सरकारी खातों में से सबसे महत्वपूर्ण है संचित निधि। 
  • सरकार को मिलने वाले सभी राजस्व, बाजार से लिए गए ऋण और स्वीकृत ऋणों पर जो ब्याज मिलता है वह संचित निधि में जमा होता है।
  •  यह भारत की सर्वाधिक बड़ी निधि है, जो संसद के अधीन रखी गयी है।
  • कोई भी धन इसमें बिना संसद की पूर्व स्वीकृति के निकाला/जमा या भारित नहीं किया जा सकता है।

आकस्मिक निधि 

  • आकस्मिक निधि का उल्लेख अनुच्छेद- 267 में किया गया है।
  • यह निधि राष्ट्रपति या कार्यपालिका या सरकार के अधीन होती है।
  • इस निधि से पैसा निकालने के लिए संसद की इजाजत की जरूरत नहीं होती है। 
  • अनवेशित व्यय करने के प्रयोजन के लिए कार्यपालिका इस निधियों से अग्रिम धन दे सकती है।

सार्वजनिक खाता

  • सार्वजनिक खाता की स्थापना संविधान के अनुच्छेद 266 (1) के तहत की गई है। 
  • इसमें लेनदेन में शामिल वह राशि आती है, जहां सरकार एक बैंकर की तरह कार्य करती है। 
  • उदाहरण के लिए भविष्य निधि जमा या अल्प बचत जमा। 
  • इसमें व्यय के लिए सरकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती,क्योंकि मूल रूप से ये जनता द्वारा जमा किए जाते हैं।

राजस्व बजट 

  • राजस्व बजट वह होता है, जिसमें सरकार की राजस्व प्राप्तियों के अलावा उसका व्यय भी शामिल होता है।
  • राजस्व प्राप्तियों को कर तथा गैर-कर राजस्व में बांटा गया है। कर राजस्व में आयकर, कॉर्पोरेट कर, उत्पाद, सीमा शुल्क, सेवा और अन्य कर होते हैं।
  • इन्हें सरकार द्वारा लगाया जाता है, जबकि गैर-कर राजस्व में कर्ज पर ब्याज, निवेश पर लाभांश शामिल हैं। 

कटौती प्रस्ताव

कटौती प्रस्ताव बजट प्रक्रिया का ही भाग है। यह वो हथियार है, जो लोकसभा सदस्य कार्यपालिका पर नियंत्रण हेतु उपयोग लाते हैं ये अनुदानों मे कटौती कर सकते हैं।

राजकोषीय घाटा 

सरकार की कुल आय और व्यय में अंतर को राजकोषीय घाटा कहा जाता है। यानी जब सरकार कुल कमाई से अधिक खर्च होने पर कुछ समय के लिए कर्ज लेती है और बाजार से सरकार की कुल कमाई और खर्च के अंतर को राजकोषीय घाटा कहा जाता है। 

वित्त विधेयक 

केंद्रीय बजट प्रस्तुत करने के तुरंत बाद वित्त विधेयक पेश किया जाता है। 
इसमें बजट में प्रस्तावित करों के प्रभाव, उन्मूलन, परिवर्तन या विनियमन के बारे में सभी जानकारी होती है। 
वित्त विधेयक में आगामी वित्तीय वर्ष में किसी नए प्रकार के कर लगाने या कर में संशोधन आदि से संबंधित विषय शामिल होते हैं।

राजस्व घाटा 

राजस्व प्राप्तियों और राजस्व व्यय के बीच के अतंर को राजस्व घाटा कहा जाता है। यह घाटा वर्तमान व्यय पर सरकार की वर्तमान आय में कमी से होता है। 

वोट ऑन अकाउंट 

चुनावी साल में जब सरकार पूर्ण बजट पेश करने के बजाय कुछ महीनों का खर्च चलाने के लिए वोट ऑन अकाउंट पेश करती है। 
इसे लेखानुदान मांग, अंतरिम बजट कहा जाता है। संविधान के अनुच्छेद 116 में इसका प्रावधान है। इस बजट में सरकार कोई नीतिगत फैसला नहीं लेती है।

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