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बिजनेसक्या है LTC कैश वाउचर्स और आपको क्या होगा फायदा

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Drigraj Madheshia
Mon, 12 Oct 2020 04:42 PM
क्या है LTC कैश वाउचर्स और आपको क्या होगा फायदा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ाने के लिए आज कई महत्वपूर्ण ऐलान किया।  आज एक प्रेस कान्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। मांग को प्रोत्साहित करने के लिए उपभोक्ता खर्च और पूंजीगत व्यय बढ़ाने के लिए उपाय किया जा रहा है। सरकार यात्रा अवकाश भत्ता (LTC) कैश वाउचर्स और फेस्टिवल एडवांस स्कीम लेकर आई है। वित्त मंत्री ने कहा कि एलटीसी के लिए सरकार 5,675 करोड़ रुपये खर्च करेगी। वहीं केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों तथा बैंकों को इस सुविधा पर अनुमानित 1,900 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस कदम से 19,000 करोड़ रुपये की मांग पैदा होगी। वहीं राज्य सरकार के कर्मचारियों द्वारा इस योजना का विकल्प चुनने से 9,000 करोड़ रुपये की मांग और पैदा होगी। 

 

क्या है एलटीसी योजना 

एलटीसी योजना  के तहत सरकारी कर्मचारी को नकद बाउचर मिलेगा, जिससे वो खर्च कर सकेंगे और इससे अर्थव्यवस्था में भी बढ़त होगी। इसका लाभ पीएसयू और सार्वजनिक बैंकों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। बता दें एलटीसी के बदले नकद भुगतान जो कि डिजिटल होगा। यह 2018 से 2021 के लिए होगा। इस स्कीम के तहत ट्रेन या प्लेन के किराये का भुगतान होगा और वह टैक्स फ्री होगा। इसके लिए कर्मचारी का किराया और अन्य खर्च तीन गुना होना चाहिए।

सरकार ने इसलिए किया सरकार ने नकद वाउचर देने का फैसला

प्रत्येक चार साल में सरकार अपने कर्मचारियों को उनकी पसंद के किसी गंतव्य की यात्रा के लिए एलटीसी देती है। इसके अलावा एक एलटीसी उन्हें उनके गृह राज्य की यात्रा के लिए दिया जाता है।  सीतारमण ने कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से कर्मचारियों के लिए इस साल यात्रा करना मुश्किल है। ऐसे में सरकार ने उन्हें नकद वाउचर देने का फैसला किया है। इसे 31 मार्च, 2021 तक खर्च करना होगा। केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम और बैंक भी अपने कर्मचारियों को एलटीसी के स्थान पर नकदी देंगे। इसके अतिरिक्त सरकार ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को त्योहार अग्रिम के रूप में 10,000 रुपये देने की घोषणा की है।  सीतारमण ने कहा कि इन दो उपायों से 28,000 करोड़ रुपये की उपभोक्ता मांग पैदा होने की संभावना है। कर्मचारी दो बार अपने गृह प्रदेश जाने के लिए भी एलटीसी ले सकते हैं। कर्मचारियों को उनके पद या पात्रता के हिसाब से विमान या ट्रेन का किराया दिया जाता है। 

वाउचर का इस्तेमाल खाद्य उत्पाद खरीदने के लिए नहीं

वित्त मंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार अपने कर्मचारियों को एलटीसी के एवज में आयकर-मुक्त नकद वाउचर देगी। कर्मचारी इन वाउचर का इस्तेमाल ऐसे उत्पाद खरीदने के लिए कर सकते हैं जिन पर जीएसटी की दर 12 प्रतिशत या अधिक है। इस शर्त की मतलब यह है कि कर्मचारी इस वाउचर का इस्तेमाल खाद्य उत्पाद खरीदने के लिए नहीं कर सकते हैं। 

सरकार कर्मचारियों को 'लीव एनकैशमेंट का पूरा भुगतान करेगी
   
सीतारमण ने कहा कि प्रत्येक चार साल में सरकार अपने कर्मचारियों को उनकी पसंद के किसी गंतव्य की यात्रा के लिए एलटीसी देती है। इसके अलावा एक एलटीसी उन्हें उनके गृह राज्य की यात्रा के लिए दिया जाता है।  एक एलटीसी पर सरकार कर्मचारियों को 'लीव एनकैशमेंट का पूरा भुगतान करेगी। और साथ ही तीन स्लैब के आधार पर किराये का भुगतान करेगी। सीतारमण ने कहा कि इस योजना का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को किराये का तीन गुना और लीव एनकैशमेंट के एक गुना के बराबर सामान या सेवाएं 31 मार्च, 2021 तक खरीदनी होंगी। यह राशि ऐसे उत्पादों पर खर्च करनी होगी जिनपर जीएसटी 12 प्रतिशत या अधिक है। 
  
इसके अलावा सरकार ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को त्योहारों के मौके पर 10,000 रुपये का ब्याज मुक्त अग्रिम देने का फैसला किया है। सीतारमण ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार के कर्मचारियों को त्योहार के लिए अग्रिम देने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी।   उन्होंने कहा कि एकमुश्त उपाय के तहत सरकार ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 10,000 रुपये का ब्याज मुक्त अग्रिम देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि 10,000 रुपये का यह अग्रिम प्री-पेड रुपे कार्ड के रूप में होगा। इसे 31 मार्च, 2021 तक खर्च करना होगा। 

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सीतारमण ने कहा कि एलटीसी वाउचर योजना से 28,000 करोड़ रुपये तथा त्योहारों के लिए अग्रिम की योजना से 8,000 करोड़ रुपये यानी कुल 36,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त उपभोक्ता मांग पैदा होगी। इसके अलावा केंद्र और राज्यों द्वारा 37,000 करोड़ रुपये का अतरिक्त पूंजीगत व्यय किया जाएगा। इससे 31 मार्च, 2021 तक मांग को 73,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा। 

 

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