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हिंदी न्यूज़ बिजनेसक्या है गोल्ड ईटीएफ, क्यों एक महीने में 457 करोड़ रुपये निकाल लिए निवेशक? यहां है इन सभी सवालों के जवाब

क्या है गोल्ड ईटीएफ, क्यों एक महीने में 457 करोड़ रुपये निकाल लिए निवेशक? यहां है इन सभी सवालों के जवाब

सोने में निवेश घटा जरूर है पर खातों की संख्या में इजाफा हुआ है। जुलाई में गोल्ड ईटीएफ फोलियो की संख्या में 37,500 की वृद्धि हुई और  46.43 लाख पर पहुंच गई है। आइए जानें गोल्ड ईटीएफ क्या है..

क्या है गोल्ड ईटीएफ, क्यों एक महीने में 457 करोड़ रुपये निकाल लिए निवेशक? यहां है इन सभी सवालों के जवाब
Drigraj Madheshiaहिन्दुस्तान ब्यूरो,नई दिल्लीWed, 10 Aug 2022 05:24 AM

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सोने में निवेश (Gold) को लेकर जुलाई में निवेशकों का रुख नरम पड़ा है। गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) से जुलाई, 2022 के दौरान 457 करोड़ रुपये की निकासी हुई है। म्यूचुअल फंड उद्योग संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक सोने में निवेश घटा जरूर है पर खातों की संख्या में इजाफा हुआ है। जुलाई में गोल्ड ईटीएफ फोलियो की संख्या में 37,500 की वृद्धि हुई और  46.43 लाख पर पहुंच गई है। आइए जानें गोल्ड ईटीएफ क्या है और ऐसा क्या हुआ कि 457 करोड़ रुपये की निकासी हो गई...

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गोल्ड ईटीएफ क्या है

गोल्ड ईटीएफ सोने में निवेश का विकल्प है और यह म्यूचुअल फंड का हिस्सा है। इसकी खरीदारी यूनिट में की जाती है। इसे शेयरों की तरह कभी भी खरीदा और बेचा जा सकता है। इसको बेचने पर सोना नहीं मिलता बल्कि उस समय सोने के दाम के बराबर राशि मिलती है। इसे सोने में निवेश का सस्ता विकल्प माना जाता है, क्योंकि इसकी एक यूनिट एक ग्राम सोने के दाम के बराबर होती है, जबकि एक ग्राम की ज्वेलरी बहुत मुश्किल से मिलती है। इसके अलावा इसमें चोरी होने का जोखिम या बेचने पर मेकिंग चार्ज के रूप में नुकसान नहीं उठाना पड़ता है।

  • क्यों हुई निकासी
  • बढ़ती ब्याज दरों के कारण पीली धातु की कीमतों में गिरावट के कारण गोल्ड ईटीएफ से निवेशकों ने निकासी की है।
  • शेयरों में तेजी का लाभ लेने के लिए भी लोग गोल्ड ईटीएफ से निकासी कर रहे हैं।
  • रुपये में गिरावट ने भी सोने की मांग और आपूर्ति को प्रभावित किया है।
  • सोने की कम कीमतों के कारण भी गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों ने निकासी की है।

घबराहट में न बेचें गोल्ड ईटीएफ

आईआईएफएल के उपाध्यक्ष अनुज गुप्ता का कहना है कि निवेशकों को गोल्ड ईटीएफ को घबराहट में या शेयरों में तेजी का लाभ लेने के लिए इससे निकासी नहीं करनी चाहिए। गुप्ता का कहना है कि रूस-यूक्रेन संकट और चीन-ताइवान तनाव के मद्देनजर सोने की कीमतों में तेजी की उम्मीद है। इसके अलावा भारत में त्योहारी सीजन आने वाले हैं। ऐसे में मौजूदा समय गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने का और वर्तमान निवेश बनाए रखना फायदे का सौदा साबित हो सकता है।

किस विकल्प में कितना निवेश

  • गोल्ड ईटीएफ 20,038 करोड़ रुपये
  • ईएलएसएस 1.47,910 करोड़ रुपये
  • मल्टीकैप फंड 59,303 करोड़ रुपये
  • लॉर्ज कैप फंड 2,31,851 करोड़ रुपये
  • मिड कैप फंड 168438 करोड़ रुपये
  • स्मॉल कैप फंड 113,332 करोड़ रुपये
  • फोकस फंड 99,933 करोड़ रुपये

(अवधि जुलाई 2022 तक, स्रोत एम्फी )

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