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हिंदी न्यूज़ बिजनेसइन पांच कारणों से अटक रही पीएमएवाई के तहत मिलने वाली सब्सिडी

इन पांच कारणों से अटक रही पीएमएवाई के तहत मिलने वाली सब्सिडी

घर खरीदारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत शुरू की गई क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (सीएलएसएस) का लाभ नहीं मिल रहा है। देशभर में लाखों घर खरीदारी इस योजना के तहत सब्सिडी पाने का इंतजार...

इन पांच कारणों से अटक रही पीएमएवाई के तहत मिलने वाली सब्सिडी
Drigraj Madheshiaनई दिल्ली। रेणु यादवThu, 10 Dec 2020 08:49 AM
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घर खरीदारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत शुरू की गई क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (सीएलएसएस) का लाभ नहीं मिल रहा है। देशभर में लाखों घर खरीदारी इस योजना के तहत सब्सिडी पाने का इंतजार कर रहे हैं। वह इसकी शिकायत सोशल मीडिया के जरिये कर रहे हैं। गौरतलब है कि पीएमएवाई योजना के तहत पहली दफा घर खरीदारों को 2.67 लाख रुपये तक की छूट मुहैया कराई जा रही है। योजना शुरू होने से अब तक 832,000 घर खरीदारों को 20,983 करोड़ रुपये की सब्सिडी मुहैया कराई जा चुकी है।

सब्सिडी अटकने का कारण

1. आय सीमा में गलती

पीएमएवाई के तहत छूट का लाभ लेने के लिए आय की सीमा तीन लाख, छह लाख और 12 लाख रुपये तय की गई है। अगर कोई व्यक्ति तीन लाख रुपये आय सीमा में आता है तो उसे 2.67 लाख की छूट मिलेगी और वह ईडब्ल्यूएस श्रेणी में आएगा। इसी तरह 6 लाख तक आय वाला व्यक्ति एलआईजी और 6-12 लाख तक आय वाला एमआईजी-1 और 12-18 लाख वाला एमआईजी-2 श्रेणी में आएगा। अगर कोई व्यक्ति की आय और घर की श्रेणी में अंतर पाया जाता है तो उसका सब्सिडी रुक जाता है।

2. पहली बार घर खरीदार होना जरूरी

प्रधानमंत्री आवास योजना के सीएलएसएस के तहत छूट पाने के लिए अनिवार्य है कि वह पहली दफा घर खरीद रहा हो। यानी उसके नाम पर पहले से कोई घर नहीं हो। अगर किसी व्यक्ति के नाम पर पहले से घर है तो उसको इस छूट का लाभ नहीं मिलता है।

3. संपत्ति की सह मालिक में महिला का नाम

पीएमएवाई के तहत छूट पाने के लिए जरूरी है कि जिस प्रॉपर्टी पर सब्सिडी ली जा रही है उसमें महिला सह मालिक और सह-उधारकर्ता हो। इसके नहीं होने से सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।

4. आधार और दस्तावेज पर नाम में अंतर

विशेषज्ञों के अनुसार, फॉर्म भरते समय गलतियां भी सब्सिडी पाने में देरी का एक और कारण हो सकता है। उदाहरण के लिए, आधार और अन्य दस्तावेजों पर नाम में अंतर होने पर देरी हो सकती है।

5. सरकारी एजेंसियों की देरी 

वर्तमान में, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (हुडको), नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पीएमएवाई के तहत मिले आवेदन की छंटनी करता है। कोरोना संकट के बीच जांच प्रक्रिया देरी होने से घर खरीदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। हालांकि, अब एक बार फिर से प्रॉसेस को तेज किया गया है।

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