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उत्तराखंड में अडानी की कंपनी की वजह से फंसे 41 मजदूर? ग्रुप ने बताई इस दावे की सच्चाई

निर्माणाधीन सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर लाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। दुर्घटना के लिए कुछ लोग अडानी ग्रुप को जिम्मेदार बता रहे हैं। अब अडानी ग्रुप का बयान आया है।

उत्तराखंड में अडानी की कंपनी की वजह से फंसे 41 मजदूर? ग्रुप ने बताई इस दावे की सच्चाई
Tarun Singhलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीMon, 27 Nov 2023 05:01 PM
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Tunnel rescue news: निर्माणाधीन सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर लाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इस दुर्घटना के लिए कुछ लोग अडानी ग्रुप (Adani Group) को जिम्मेदार बता रहे हैं। जिस पर अडानी ग्रुप की तरफ से सफाई आई है। समूह ने कहा है कि उनकी किसी कंपनी या सब्सिडियरी कंपनी का सिलक्यारा-बड़कोट टनल प्रोजेक्ट से कोई सम्बन्ध नहीं है। अडानी ग्रुप की तरफ से इस मसले पर बयाना जारी किया गया है। 

सोमवार को अडानी ग्रुप की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, “हमारी जानकारी में आया है कि कुछ शरारती तत्व उत्तराखंड की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से हमें जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हम साफ कर देना चाहते हैं कि सुरंग निर्माण में अडानी ग्रुप या समूह की किसी भी सहयोगी कंपनी को कोई सम्बन्ध नहीं है। सुरंग निर्माण में लगी कंपनी में हमारा कोई हिस्सा नहीं है। इस समय हमारी प्रार्थनाएं सुरंग में फंसे श्रमिकों और उनके परिवारजनों के साथ हैं।” 

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राहत बचाव को लेकर क्या हैं ताजा अपडेट्स? 

सुरंग के उपर से की जा रही ड्रिलिंग 31 मीटर तक पहुंच चुकी है। सिलक्यारा में बचाव कार्यों की देखरेख कर रहे सीमा सड़क संगठन के पूर्व महानिदेशक हरपाल सिंह ने मंगलवार को बताया कि अब तक 31 मीटर ड्रिलिंग की जा चुकी है। सुरंग में फंसे श्रमिकों तक पहुंचने के लिए कुल 86 मीटर ड्रिलिंग की जाएगी और इसमें चार दिन का समय लगेगा ।     

बता दें, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था जिसमें उसमें काम कर रहे श्रमिक फंस गए थे। उन्हें बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर कई एजेंसियों द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है ।

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