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घूमने के लिए बैंक से लोन तक ले रहे भारतीय; गोवा, उदयपुर, मनाली पसंदीदा जगह

भारतीय युवा अपनी जीवन शैली पर खुलकर खर्च कर रहे हैं। यहां तक कि देश-विदेश घूमने के लिए वे वे कर्ज लेने में भी नहीं हिचकिचा रहे हैं। यात्रा सेवा प्रदाता कंपनी थॉमस कूक इंडिया के अनुसार, पिछले साल 25 से 35 वर्ष के युवाओं द्वारा घूमने के लिए ट्रैवल लोन की मांग में 50 से 60 फीसदी की वृद्धि हुई। रिपोर्ट के अनसार, छोटे शहरों में मांग बढ़ने और भारत के बचत करने वाली अर्थव्यवस्था से खर्च करने वाली अर्थव्यवस्था बनने सहित कई अन्य पहलुओं के कारण लाने की मांग में यह यह तेजी दर्ज की गई है।

छोटे शहरों में तेजी से बदला परिदृश्य 
रिपोर्ट के अनुसार, घमूने के लिए नए यात्रियों की संख्या मेट्रो से कहीं तेजी से छोटे शहरों में बढ़ा है। मेट्रो शहरों में शामिल मुंबई, नई दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई में नए घमूने वालों की संख्या करीब 20 फीसदी का इजाफा पिछले साल आया। वहीं टियर टू और थ्री शहरों में शामिल अमृतसर, करनाल, गुवाहाटी, रांची, औरंगाबाद, विशाखापत्तनम, हुबली, उदयपुर और विजयवाड़ा में 30 फीसदी का उछाल देखने को मिला। 

सुखद यात्रा की बढ़ी मांग 
भारतीय लोगों में घूमने का शौक बढ़ने के साथ एक बड़ा बदलाव यह भी देखने को मिला है कि लोग सुखद यानी लग्जरी यात्रा करना ज्यादा पसंद कर रह हैं। यानी उनको यात्रा के दौरान रहने, खाने-पीने या घूमने में किसी भी तरह की समस्या न हो। इसके चलते लग्जरी यात्रा की मांग 15 से 20 फीसदी बढ़ी है। युवा आबादी आइसलैंड, केन्या, तस्मानिया, कोरिया और जापान जैसे विदेशी गंतव्यों को काफी पसंद कर रहे हैं।

छोटी यात्रा करना पहली पसंद  
छुट्टियों के दौरान यात्रा पर जाने वालों अधिकांश लोग छोटी यात्रा को पसंद कर रहे हैं। एक लंबी यात्रा के मुकाबले 3 से 7 दिन की यात्रा करना भारतीय को पहली पसंद बना है। रिपोर्ट के अनुसार माइक्रो ब्रेक यानी छोटी अवधि की छुट्टी में घूमने वाले यात्रियों की संख्या में 30 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। 

देश के अंदर और बाहर ये हैं पसंदीदा गंतव्य 
भारतीय यात्रियों के रडार पर सप्ताहांत छुट्टी में घमूने वाले गंतव्य में गोवा, पुदुचेरी, हम्पी, उदयपुर, मनाली, नैनीताल और धर्मशाला सूची में सबसे ऊपर हैं। वहीं विदेशी गंतव्यों में सिंगापुर, दुबई, अबू धाबी, मलेशिया, थाईलैंड, भूटान, नेपाल, इंडोनेशिया, मालदीव, मॉरीशस, हांगकांग-मकाऊ जैसे देश शामिल है। इसकी वजह यहां पर आसानी से वीजा मिलना और यात्रा खर्च भी बहुत ज्यादा नहीं होना है। 

भारतीयों की लोन लेने की प्रवृत्ति बदली
कुछ साल पहले तक भारतीय पहले घर, वाहन, शिक्षा आदि के लिए बैंकों से कर्ज लेते थे। लेकिन हाल के वर्षों में कैसे घूमने-फिरने व अन्य एक्टिविटी के लिए लोन बढ़े। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय मिलेनियल्स (सहस्राब्दी पीढ़ी के लोगों) की बदली सोच इसके पीछे की मुख्य वजह है। आज की युवा आबादी बचत पर कम और खर्च करने पर ज्यादा यकीन कर रही है। वह घूमने से लेकर कोई गजट या कार खरीदने के लिए क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने में हिचक नहीं रहा है। इससे यह बदलाव आया है। हालांकि, यह खतरे की घंटी है। 

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  • Web Title:Trend Indian Taking bank Loan For Tourism