पर्यटन: कोरोना का डर हटाकर पूरी आजादी के साथ घूमने-फिरने का जल्द मिलेगा मौका
मुख्य बातें
- कोरोना महामारी से मुकाबले के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जान भी जहान भी' पर अमल करते हुए पर्यटन उद्योग फिर से खड़ा होने का खाका तैयार करने में जुट गया है
- ताकि, लॉकडाउन खत्म होने के..

कोरोना महामारी से मुकाबले के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जान भी जहान भी' पर अमल करते हुए पर्यटन उद्योग फिर से खड़ा होने का खाका तैयार करने में जुट गया है। ताकि, लॉकडाउन खत्म होने के बाद पर्यटकों को कोरोना संक्रमण से बचाव के तमाम उपायों के साथ घूमने-फिरने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। पर्यटन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ‘जान भी जहान भी' को ध्यान में रखते हुए रणनीति का खाका तैयार कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि लोगों के मन से कोरोना का डर हटाकर उन्हें पूरी आजादी के साथ घूमने फिरने का मौका दिया जाए। इसलिए फिलहाल गोवा और पूर्वोत्तर राज्यों पर ध्यान अधिक रहेगा।
देश से हर साल दो करोड़ से अधिक लोग छुट्टियां मनाने के लिए विदेश जाते हैं। पिछले दस साल में यह संख्या तीन गुना बढ़ी है। सरकार की नजर इन पर्यटकों पर है। पर्यटन मंत्रालय की कोशिश है कि इन पर्यटकों को देश के अंदर बेहतर सुविधाए मुहैया कराई जाएं, तो वे फिलहाल विदेश के बजाए देश में घूमना ज्यादा पसंद करेंगे।
एहतियाती उपायों से कोई समझौता नहीं
गोवा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण लगभग खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद सरकार हवाई यात्रा शुरू करती है, तो हम इन प्रदेशों के लिए अधिक फ्लाइट की मांग करेंगे ताकि लोग इन प्रदेशों में जाकर अपनी छुट्टियां बिता सकें। हालांकि, इसके साथ एहतियाती उपायों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।कोरोना महामारी का सबसे ज्यादा असर पर्यटन उद्योग पर पड़ा है। उद्योग आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में 2020 केदौरान 80% तक गिरावट की आशंका
संयुक्त राष्ट्र के विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के कारण 2020 में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में 60-80 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। इसके चलते 910 अरब डॉलर से लेकर 1200 अरब डॉलर तक की कमाई का नुकसान होगा और लाखों लोगों की आजीविका संकट में पड़ जाएगी। वैश्विक एजेंसी ने कहा कि महामारी के चलते 2020 की पहली तिमाही के दौरान अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आवक में 22 प्रतिशत की गिरावट हुई है।
यूएनडब्ल्यूटीओ के महासचिव जुरब पोलोलिकाशविली ने कहा, दुनिया एक अभूतपूर्व स्वास्थ्य और आर्थिक संकट का सामना कर रही है। पर्यटन सबसे अधिक प्रभावित हुआ है और अर्थव्यवस्था के सबसे अधिक श्रम-आधारित इस क्षेत्र में लाखों नौकरियां खतरे में हैं। यूएनडब्ल्यूटीओ विश्व पर्यटन सूचकांक के अनुसार इस साल पहले तीन महीनों के दौरान पर्यटकों की आवक में 22 प्रतिशत की कमी हुई है। यह गिरावट एशिया और प्रशांत क्षेत्र में अधिक रही है। (एजेंसी)
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


