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1 जून, 2020|10:58|IST

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पर्टयन उद्योग ने सरकार से मांगी मदद, कहा- खतरे में 5 करोड़ लोगों का रोजगार

lockdown in jharkhand

कोरोना वायरस का पर्यटन उद्योग पर बहुत असर पड़ा है। इस सेक्टर से जुड़ी संस्थाओं ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सरकार से कहा है कि यदि पर्यटन क्षेत्र के लिए राहत पैकेज का ऐलान नहीं किया गया तो करीब 5 करोड़ लोगों का रोजगार छिन जाएगा। इससे पहले पर्यटन मंत्री से बातचीत के अलावा पीएम नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लेटर लिखकर भी गुहार लगाई जा चुकी है। 

फेडरेशन ऑफ असोसिएशंस इन इंडियन टूरिजम एंड हॉस्पिटैलिटी (FAITH) के बैनर तले टूरिजम और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के 10 असोसिएशन के प्रमुखों ने पर्यटन मंत्रालय के सचिव योगेंद्र त्रिपाठी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। बैठक में मौजूद एक अधिकारी के मुताबिक त्रिपाठी ने कहा कि पर्यटन उद्योग सबसे अधिक प्रभावित उद्योगों में से एक है।

पर्यटन उद्योग ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। टूरिजम, ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के लिए एक साल के लिए जीएसटी से छूट की मांग की गई। इसके अलावा लोन पर 12 महीनों के लिए ईएमआई मोरोटोरियम की मांग रखी गई है। प्रोविडेंट फंड और ईएसआई में अंशदान से एक साल के लिए राहत की मांग की गई है। इसके अलावा जीएसटी, अडवांस टैक्स, कस्टम ड्यूटी, एक्साइज ड्यूटी, वैट और टीडीएस को भी एक साल के लिए हटाने की गुहार लगाई गई है। 

एक अन्य मांग यह रखी गई कि एयरलाइंस कंपनियों से कैंसिलेशन और अडवांस ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स को वापस दिलाया जाए। 2020-21 के बजट में घोषित टीसीएस की मांग भी की गई है। सरकार से कहा गया कि यदि पर्यटन उद्योग की मदद नहीं की गई तो करोड़ों लोगों का रोजगार छिन सकता है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से पर्यटन उद्योग को गहरा आघात लगा है। सभी होटल लगभग खाली पड़े हैं। कोरोना वायरस संकट से दुनिया को मुक्ति मिलने के बाद ही इस सेक्टर में फिर रौनक लौटेगी, लेकिन अभी इसमें कितना समय लगेगा यह स्पष्ट नहीं है।

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  • Web Title:tourism sector demands relief package from government