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10 मई, 2021|1:27|IST

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सरकार ने संसद में माना पेट्रोल और डीजल से हो रही है जमकर कमाई, GST के तहत लाने का नहीं है कोई प्रस्ताव

ec orders removal of hoarding featuring prime minister photo from petrol pump premises

पेट्रोल और डीजल की कीमतें भले ही पिछले 16 दिनों से स्थिर हो, लेकिन केद्र सरकार की इसके जरिए खूब कमाई हो रही है। सोमवार को संसद में सरकार ने स्वीकार किया कि 6 मई 2020 से सरकार प्रति लीटर डीजल पर 33 रुपये और पेट्रोल पर 32 रुपये की कमाई कर रही है। सरकार को यह कमाई सरचार्ज, एक्साइज ड्यूटी, सेस के जरिए हो रही है। 

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2020 से 13 मार्च 2020 तक केंद्र सरकार 20 रुपये पेट्रोल पर और डीजल पर 16 रुपये की कमाई कर रही थी। अगर एक जनवरी 2020 से आज की तुलना करें तो पेट्रोल पर सरकार की कमाई 13 रुपये और डीजल पर 16 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। 

पेट्रोल, डीजल, एटीएफ, गैस को GST के तहत लाने का कोई प्रस्ताव नहीं: सीतारमण

लोकसभा में वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने सवाल के जवाब में कहा, 'समान्यतः पेट्रोलियम प्रोडक्ट पर एक्साइज ड्यूटी के बढ़ने और घटने के कई कारण होते हैं।' सरकार की कमाई पर सफाई देते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा, 'एक्साइज ड्यूटी से हो रही कमाई को सरकार विकास की योजनाओं पर खर्च कर रही है।" 

पिछले दो सप्ताह से तेल की कीमतें क्यों नहीं बढ़ रही हैं इस पर सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। अंतिम बार 27 फरवरी 2021 को तेल की कीमतों में इजाफा हुआ था। तब पेट्रोल 27 पैसे पर लीटर और डीजल 15 पैसे लीटर महंगा हुआ था। आज की ताजा कीमतों की अगर बात करें तो दिल्ली में तेल की कीमतें 91.17 रुपये पर प्रति लीटर और डीजल 81.47 रुपये प्रति लीटर है। 

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पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में लाने का नहीं सोच रही है सरकार 

पेट्रोल, डीजल, एटीएफ, एलपीजी की कीमत कम होने की आस लगाए लोगों को झटका लगा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि जीएसटी के तहत कच्चा तेल, पेट्रोल, डीजल, जेट ईंधन (एटीएफ) और प्राकृतिक गैस लाने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। वहीं वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, जहां तक पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने का सवाल है, इस विषय को जीएसटी की शुरूआत के समय खुला रखा गया था। इसमें कहा गया था कि जीएसटी परिषद में राज्य और केंद्र मिलकर तय कर सकते हैं कि इसे कब इसके दायरे में लाना है। गौरतलब है कि कई विशेषज्ञों के मुताबिक अगर पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में आते तो इनके दाम बेहद कम हो जाते।

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  • Web Title:The government agreed in Parliament that it is earning heavily from petrol and diesel no proposal to bring it under GST