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रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा नीति की बैठक में हो रहे मंथन पर फैसला आज

RBI

रिजर्व बैंक की तीन दिवसीय मौद्रिक समीक्षा नीति की बैठक में बुधवार को बड़ी राहत पर फैसला आ सकता है। बढ़ती महंगाई के दबाव के बावजूद केंद्रीय बैंक नीतिगत दरों को स्थिर रख सकता है, जिससे कर्ज महंगा होने का डर ख़त्म हो जाएगा।
 

गवर्नर उर्जित पटेल की अगुवाई में छह सदस्यीय समिति इस बात पर मंथन कर रही है कि आने वाले दिनों के लिए ब्याज दरें बढ़ाई जाएं या स्थिर रखी जाएं। अगर बुधवार को रिजर्व बैंक दरें बढ़ाने का फैसला लेता है तो होम लोन, ऑटो लोन पर लगने वाले ब्याज के साथ हर तरह का कर्ज महंगा होना तय है। तमाम जानकार और एजेंसियां इस तरफ इशारा कर रही हैं कि रिजर्व बैंक इस वित्त वर्ष यानी 2018-19 में कर्ज पर ब्याज 0.50 फीसदी महंगा कर सकता है। लेकिन क्या इसकी शुरुआत जून महीने से ही हो जाएगी या रिजर्व बैंक अगस्त तक इंतजार करेगा, इस पर विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है।

अधिकतर विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्रीय बैंक पर बढ़ती खुदरा महंगाई और क्रूड ऑयल की कीमतों के चलते ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव है, बावजूद इसके बड़ी संभावना है कि इस बैठक में नीतिगत दरों यानी रेपो रेट को स्थिर रखा जाए।
अर्थ शास्त्री प्रणब सेन की मानें तो मौजूदा महंगाई दर, कच्चे तेल के चढ़ते दाम और रुपये का गिरता स्तर, ये तीन अहम वजह हैं जिनके चलते आरबीआई ब्याज दरें बढ़ाने का ऐलान कर देगा। 

 

जीडीपी से उम्मीद बढ़ी
जनवरी-मार्च की तिमाही में जारी जीडीपी के आंकड़े 7.7% रहे, जिसे अच्छा संकेत माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि आरबीआई तुरंत ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा जिससे जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार पर असर हो। पूर्व वित्त सचिव अशोक झा का मानना है कि अगर रिजर्व बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है तो अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर नकारात्मक असर होगा। लिहाजा आरबीआई अगस्त तक हालात का जायजा लेगा फिर दरों में कोई बढ़त होगी।

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नीतिगत दरें बढ़ाने का दोहरा दबाव 
रिजर्व बैंक के सामने बड़ी चुनौती महंगाई पर काबू पाना है, जो आरबीआई के कंफर्ट जोन से बाहर जाने के करीब पहुंचती दिख रही है। खुदरा महंगाई दर लगातार नवंबर 2017 के बाद से 4 फीसदी के ऊपर बनी हुई है, जबकि कोर सेक्टर की महंगाई दर 6 फीसदी है। इसके अलावा क्रूड ऑयल की कीमतों में भी पिछले माह भारी इजाफा हुआ था और यह चार साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया था।

 

4.58 फीसदी रही अप्रैल में खुदरा महंगाई दर
77 डॉलर प्रति बैरल हैं अभी क्रूड ऑयल के दाम
67 रुपये प्रति डॉलर के आसपास है भारतीय मुद्रा की कीमत
06 फीसदी है अभी रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट 5.75% है

 

बैंकों ने कर्ज महंगा किया
रिजर्व बैंक के ब्याज दरों पर फैसले के पहले ही कई बैंकों ने अपने कर्ज महंगे कर दिए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा ने मंगलवार को अपने एमसीएलआर में 0.05% की बढ़ोतरी की है। ये दरें सात जून से लागू होंगी। इससे पहले एसबीआई, पीएनबी और आईसीआई बैंक भी अपनी ब्याज दरें बढ़ा चुके हैं।

 

दबाव में सेंसेक्स लुढ़का
तीन दिन से जारी मौद्रिक समीक्षा बैठक का असर शेयर बाजार पर भी दिखा। दबाव के चलते मंगलवार को दूसरे दिन भी बाजार में गिरावट रही। सेंसेक्स 109 अंकों की गिरावट के साथ 34,903 पर और निफ्टी 35 अंकों की गिरावट के साथ 10,593 पर बंद हुआ। इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 215 और निफ्टी 67 अंक नीचे आया था।

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  • Web Title:The decision on the RBI policy rate may be decided today