DA Image
9 अगस्त, 2020|11:53|IST

अगली स्टोरी

कोरोना वायरस के मामले बढ़ने पर कर रिटर्न भरने की तारीख को और आगे बढ़ाना पड़ सकता है: विशेषज्ञ

tax return  file pic

कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों की बढ़ती संख्या के बीच कर विभाग को अतिरिक्त उपाय करने पड़ सकते हैं और विधायी प्रावधानों के अनुपालन में कर दाताओं की मदद के लिये समय-सीमाओं को आगे बढ़ाना पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने यह अनुमान व्यक्त किया है।

उन्होंने कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न अभूतपूर्व परिस्थिति में करदाताओं की मदद के लिये वित्त मंत्रालय के द्वारा किए गए विभिन्न उपायों का स्वागत किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब तक सामान्य स्थिति नहीं लौट जाती है, कुछ अतिरिक्त उपाय किये जाने की जरूरत है। कर विभाग ने महामारी तथा इसी रोकथाम के लिए बार-बार लगाए गए लॉकडाउन के समय भी करदाताओं को अनुपालन में मदद करने के लिये विभिन्न समयसीमाओं को आगे बढ़ाया है।

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) गौरव मोहन ने ब्याज राहत तथा समय-सीमाओं को बढ़ाने के माध्यम से दी गई राहत को लेकर कहा, ''मौजूदा स्थिति को देखते हुए, अर्थव्यवस्था को चालू रखने के लिये करदाताओं की मदद के अधिक से अधिक उपायों की आवश्यकता है।''

देश में कोरोना वायरस के मामले 6.5 लाख से अधिक हो गए हैं और टीका विकसित होने या सामान्य स्थिति बहाल होने में महीनों लग सकते हैं।

टैक्समैन के डीजीएम नवीन वाधवा ने महामारी के मद्देनजर रिटर्न भरने की समयसीमा बढ़ाने के सरकार के निर्णय पर कहा, ''सभी करदाताओं के लिये वित्त वर्ष 2019-20 के रिटर्न भरने की समयसीमा को 31 जुलाई और 31 अक्टूबर 2020 के स्थान पर 30 नवंबर 2020 तक के लिये बढ़ा दिया गया है। अत: जिन करदाताओं को पहले 31 जुलाई या 31 अक्टूबर 2020 तक आईटीआर भरना था, वे अब बिना विलंब शुल्क के 30 नवंबर 2020 तक रिटर्न भर सकते हैं।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:The date of filing tax returns may have to be extended further if the coronavirus cases increase says experts